
सौर ऊर्जा प्रणाली-Solar Energy System को अपनाने वालों के सामने सबसे आम और जरूरी सवाल यही होता है कि कौन-सी बैटरी का चयन किया जाए—100Ah या 200Ah? दोनों बैटरियों की क्षमता, बैकअप समय और उनकी असली परफॉर्मेंस में क्या फर्क है, यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है, खासकर जब आप एक Long-term Renewable Energy सिस्टम लगवाना चाहते हैं। यह फैसला आपके बिजली बिल से लेकर सिस्टम की एफिशिएंसी तक को प्रभावित करता है।
बैटरी की ऊर्जा क्षमता क्या दर्शाती है?
जब हम 100Ah और 200Ah बैटरियों की बात करते हैं, तो हमें सबसे पहले उनकी कुल ऊर्जा क्षमता को समझना होता है। अधिकांश सौर ऊर्जा प्रणालियों में 12 वोल्ट की बैटरियां लगाई जाती हैं, और इसी आधार पर उनकी Wh (Watt-hour) क्षमता तय होती है।
12V की 100Ah बैटरी की ऊर्जा क्षमता होती है 1200Wh, यानी 100Ah × 12V = 1200Wh
वहीं 200Ah बैटरी की ऊर्जा क्षमता होती है 2400Wh, यानी 200Ah × 12V = 2400Wh
यह साफ है कि 200Ah बैटरी 100Ah के मुकाबले दोगुनी ऊर्जा स्टोर कर सकती है। लेकिन क्या इसका मतलब है कि उसका बैकअप समय भी दोगुना होगा? चलिए इस पर बात करते हैं।
बैकअप समय कैसे तय होता है?
बैकअप समय सीधे तौर पर इस बात पर निर्भर करता है कि आपके उपकरणों का कुल पावर लोड कितना है। इस गणना के लिए एक सरल फॉर्मूला है:
बैकअप समय = बैटरी की कुल ऊर्जा क्षमता (Wh) ÷ कुल लोड (W)
उदाहरण के तौर पर मान लीजिए आपके घर में एक साथ दो पंखे (2×75W), दो ट्यूबलाइट (2×40W) और एक छोटा फ्रिज (120W) चल रहा है। इस तरह कुल लोड होगा 350W।
अब देखते हैं कि दोनों बैटरियों का बैकअप समय कितना होगा:
100Ah बैटरी: 1200Wh ÷ 350W = लगभग 3.43 घंटे
200Ah बैटरी: 2400Wh ÷ 350W = लगभग 6.86 घंटे
यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि सिद्धांत रूप में 200Ah बैटरी दोगुना बैकअप दे सकती है, लेकिन यह गणना कुछ आदर्श परिस्थितियों में आधारित है।
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क्या सिर्फ बैटरी की क्षमता ही काफी है?
हालांकि ऊपर की गणनाओं से यह स्पष्ट होता है कि 200Ah बैटरी बेहतर विकल्प है, लेकिन असल जिंदगी में कई और फैक्टर्स इस निर्णय को प्रभावित करते हैं।
पहला फैक्टर है बैटरी का प्रकार। अगर आप Lead-Acid बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसकी usable क्षमता उसकी कुल क्षमता का लगभग 50% ही होती है। यानी 100Ah की Lead-Acid बैटरी से आप सिर्फ 600Wh के आसपास ऊर्जा प्राप्त कर पाएंगे। वहीं Lithium-Ion बैटरी की usable capacity 80 से 90% तक हो सकती है, जिससे बैकअप समय कहीं ज्यादा होता है।
दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है इन्वर्टर की दक्षता। अधिकतर इन्वर्टर AC आउटपुट में बदलते समय 10 से 15% तक ऊर्जा नष्ट कर देते हैं। इसीलिए अगर आपका इन्वर्टर Low-Efficiency वाला है, तो बैकअप समय उतना नहीं होगा जितना कि कागजों पर दिखता है।
तीसरा फैक्टर है पर्यावरणीय परिस्थितियाँ। खासकर Lead-Acid बैटरियों पर ज्यादा गर्मी या ठंडा मौसम नकारात्मक प्रभाव डालता है। सर्दियों में बैटरियां जल्दी डिस्चार्ज होती हैं जबकि गर्मी में बैटरी की उम्र कम हो सकती है।
चौथा और जरूरी फैक्टर है आपके लोड का पैटर्न। यदि आप नियमित रूप से हीटर, गीजर, या मोटर जैसे हाई पावर उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं, तो बैटरी तेजी से डिस्चार्ज होगी और बैकअप कम मिलेगा।
आपके उपयोग के आधार पर सही बैटरी का चुनाव
अगर आपका उपयोग सीमित है, जैसे केवल पंखे और लाइट्स कुछ घंटों के लिए चलाने हैं, तो 100Ah बैटरी आपके लिए एक किफायती विकल्प हो सकती है। यह कॉम्पैक्ट होती है, कम जगह लेती है और इंस्टॉलेशन भी आसान होता है।
लेकिन यदि आपका उद्देश्य रातभर पंखे, लाइट और फ्रिज जैसे उपकरणों को चलाना है या आप Uninterrupted Power Backup चाहते हैं, तो 200Ah बैटरी अधिक उपयुक्त है। यह न केवल ज्यादा बैकअप देती है, बल्कि future-proof विकल्प भी बनती है जिसमें आप ज्यादा Solar Panels जोड़ सकते हैं और ज्यादा पावर स्टोर कर सकते हैं।