
7kW सोलर सिस्टम आज के दौर में घरेलू बिजली खपत को कम करने और रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy की ओर कदम बढ़ाने का एक बेहतरीन विकल्प बन चुका है। भारत के कई हिस्सों में, खासकर उत्तर भारत में जहां सूर्य की रोशनी भरपूर मिलती है, वहां यह सोलर सिस्टम बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों में कारगर साबित हो रहा है। आगरा, उत्तर प्रदेश जैसे शहरों में, जहां धूप की स्थिति बेहतर है, वहां इसका इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को शानदार लाभ मिल रहा है।
प्रतिदिन कितना उत्पादन करता है 7kW सोलर सिस्टम?
एक सामान्य 7 किलोवाट सोलर सिस्टम प्रतिदिन लगभग 28 से 35 यूनिट (किलोवाट-घंटे, kWh) बिजली उत्पन्न करता है। हालांकि, यह उत्पादन कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि सोलर पैनल की दक्षता, स्थापना का स्थान, और मौसम की स्थिति। लेकिन आगरा जैसे क्षेत्र, जहां सालभर भरपूर धूप मिलती है, वहां पर एक 7kW सोलर सिस्टम औसतन प्रतिदिन 30 से 32 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकता है।
वार्षिक उत्पादन और बचत की गणना
इस औसत उत्पादन के आधार पर, यह सोलर सिस्टम प्रति वर्ष लगभग 10,950 से 11,680 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकता है। यदि आपके घर की मासिक बिजली खपत लगभग 900 यूनिट है, तो इस सोलर सिस्टम से आपकी पूरी बिजली की जरूरत पूरी हो सकती है।
इसका मतलब यह है कि आप पूरे वर्ष की बिजली खपत के लिए बिजली कंपनी पर निर्भर नहीं रहेंगे, और आपका बिजली बिल लगभग शून्य तक पहुंच सकता है।
आगरा में सोलर सिस्टम से संभावित वित्तीय लाभ
आगरा में घरेलू बिजली की दरें औसतन ₹6 प्रति यूनिट के आसपास हैं। यदि आप पूरे वर्ष में 11,000 यूनिट तक की बिजली सोलर सिस्टम से प्राप्त करते हैं, तो आप ₹65,700 से ₹70,080 तक की सालाना बचत कर सकते हैं। यह न सिर्फ मासिक बजट पर असर डालता है, बल्कि लंबी अवधि में यह निवेश काफी फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।
7kW सोलर सिस्टम की लागत और सब्सिडी
भारत में एक ग्रिड-टाई (On-Grid) 7kW सोलर सिस्टम की कीमत आम तौर पर ₹3,50,000 से ₹4,50,000 के बीच होती है। यह लागत सोलर पैनल की गुणवत्ता, इन्वर्टर की क्षमता और इंस्टॉलेशन शुल्क पर निर्भर करती है। हालांकि, भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं के तहत, इस लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
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सरकार की PM-KUSUM योजना, राज्य स्तरीय सोलर सब्सिडी स्कीम और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने वाली अन्य पहलें, इस सिस्टम को और भी सुलभ बना रही हैं।
क्यों चुनें सोलर सिस्टम?
भारत में बढ़ती बिजली दरें, पर्यावरणीय चिंताएं और Net Metering जैसी सरकारी नीतियों ने घरेलू स्तर पर सोलर सिस्टम की मांग को तेज़ी से बढ़ाया है। सोलर सिस्टम एक बार लगाने के बाद कई वर्षों तक कम रखरखाव में काम करता है और ऊर्जा की आवश्यकता को कुशलता से पूरा करता है।
इसके अलावा, ग्रिड-टाई सिस्टम की खास बात यह है कि अगर आपके सोलर पैनल आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पन्न करते हैं, तो वह अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और इसके बदले आपको क्रेडिट मिल सकता है।
आगरा में क्यों है सोलर की खास मांग?
आगरा जैसे शहरों में, जहां गर्मी के मौसम में 10 से 12 घंटे तक तेज धूप रहती है, वहां सोलर पैनल अधिकतम क्षमता के साथ काम करते हैं। यहां पर भूमि और छत की उपलब्धता भी बेहतर है, जिससे सोलर सिस्टम का इंस्टॉलेशन आसान हो जाता है।
इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को और प्रोत्साहन मिल रहा है।