
आधुनिक युग में सौर ऊर्जा (Solar Energy) केवल पर्यावरण के अनुकूल विकल्प नहीं रह गई है, बल्कि यह एक बेहतरीन निवेश का माध्यम बन चुकी है, जो उपभोक्ताओं को बिजली के भारी-भरकम बिलों से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ नियमित मासिक आय का अवसर भी प्रदान कर रही है।
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नेट मीटरिंग: अतिरिक्त बिजली बेचकर बनें ‘मिनी-जनरेटर’
यह व्यक्तिगत स्तर पर कमाई का सबसे लोकप्रिय तरीका है। भारत सरकार की ‘नेट मीटरिंग’ (Net Metering) नीति के तहत, यदि आपके सोलर पैनल आपकी जरूरत से ज़्यादा बिजली पैदा करते हैं, तो यह अतिरिक्त ऊर्जा स्वचालित रूप से स्थानीय बिजली ग्रिड में चली जाती है।
- एक विशेष ‘नेट मीटर’ आपके द्वारा ग्रिड को दी गई और ली गई बिजली का हिसाब रखता है, महीने के अंत में, बिजली कंपनी इस सरप्लस (अतिरिक्त) बिजली के लिए आपको क्रेडिट देती है या सीधे आपके बैंक खाते में भुगतान करती है।
बड़े पैमाने पर निवेश: सोलर फ़ार्मिंग (Solar Farming)
जिन व्यक्तियों या कंपनियों के पास पर्याप्त खाली ज़मीन है, वे बड़े सोलर पीवी फ़ार्म (मिनी पावर प्लांट) स्थापित कर सकते हैं।
- इस मॉडल में, उत्पादित बिजली को सीधे राज्य या केंद्रीय वितरण कंपनियों (DISCOMs) को लंबी अवधि के ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ (PPA) के तहत बेचा जाता है। यह एक निश्चित और दीर्घकालिक आय सुनिश्चित करता है।
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जमीन या छत को लीज पर देना
यह उन संपत्ति मालिकों के लिए उपयुक्त है जो बड़ा निवेश किए बिना कमाई करना चाहते हैं।
- आप अपनी खाली छत या ज़मीन को सोलर एनर्जी कंपनियों को किराए (लीज) पर दे सकते हैं। ये कंपनियाँ अपने खर्चे पर प्लांट लगाती हैं और बिजली बनाती हैं। आपको इसके बदले में हर महीने एक निश्चित और आकर्षक किराया मिलता है।
सरकारी सब्सिडी और प्रोत्साहन
केंद्र सरकार ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) जैसी योजनाओं के तहत आवासीय उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की लागत पर भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है।
- सब्सिडी मिलने से आपकी शुरुआती लागत (Capital Cost) काफी कम हो जाती है, जिससे आपके निवेश की वसूली (Breakeven Period) जल्दी हो जाती है और मुनाफ़ा जल्द शुरु होता है।
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उद्योगों के लिए कैप्टिव कंजम्पशन
व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता सोलर पैनल लगाकर अपनी परिचालन लागत (Operating Cost) में भारी कटौती कर सकते है, महंगी वाणिज्यिक बिजली से बचकर, वे सीधे तौर पर अपना लाभ मार्जिन बढ़ाते हैं।
सौर ऊर्जा में निवेश अब केवल एक ऊर्जा समाधान नहीं, बल्कि एक ठोस आर्थिक रणनीति है, यह एक ऐसा निवेश है जो एक बार किया जाता है, लेकिन रिटर्न जीवन भर मिलता रहता है, साथ ही देश के ऊर्जा लक्ष्यों में भी योगदान देता है, अधिक जानकारी और सरकारी योजनाओं के लिए, इच्छुक नागरिक राष्ट्रीय पोर्टल फॉर रूफटॉप सोलर पर विजिट कर सकते हैं।







