PM Surya Ghar: 5kW सोलर सिस्टम लगवाने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी? 2026 की नई रेट लिस्ट जारी, जानें आपकी जेब पर कितना आएगा बोझ

प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना 2026 के तहत अब 5kW सोलर सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी मिल रही है, जो कुछ राज्यों में ₹1.08 लाख तक पहुँच सकती है। इस योजना से घरों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी और बची हुई ऊर्जा बेचकर सालाना ₹15,000 तक की अतिरिक्त कमाई संभव है।

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भारत में बिजली बिल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण प्रदूषण की चिंता के बीच, प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) लोगों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज बनकर उभरी है। इस योजना के तहत अब आम नागरिक अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर न सिर्फ अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर सालाना कमाई भी कर सकते हैं।

साल 2026 में इस योजना के तहत सब्सिडी नियमों को स्पष्ट किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक मार्गदर्शन मिल सके। दिलचस्प बात यह है कि कुछ राज्यों, जैसे दिल्ली या गुजरात, में यह सब्सिडी राशि केंद्र और राज्य दोनों की सहायता मिलाकर ₹1,08,000 तक पहुंच सकती है।

सब्सिडी की नई दरें

सरकार ने सब्सिडी को सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार तय किया है। अब इसे “स्लैब दरों” में विभाजित किया गया है, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ता सबसे अधिक लाभ ले सकें।

  • पहले 2kW तक: ₹30,000 प्रति किलोवाट यानी कुल ₹60,000 तक की सब्सिडी।
  • अगले 1kW पर (3kW तक): अतिरिक्त ₹18,000।
  • 3kW से अधिक: 3kW के बाद की क्षमता पर केंद्र से कोई अतिरिक्त सब्सिडी नहीं दी जाती।

इस तरह 5kW सिस्टम पर अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 तक सीमित हो जाती है। अगर राज्य सरकार की मदद शामिल हो, तो कुछ क्षेत्रों में यह रकम ₹1,08,000 तक जा सकती है।

लागत और बचत का वास्तविक हिसाब

अब बड़ा सवाल 5kW का सोलर सिस्टम लगवाने में कुल खर्च कितना आएगा? 2026 के मौजूदा बाजार दरों को देखते हुए इसका अनुमानित खर्च ₹2,50,000 से ₹3,50,000 तक हो सकता है। सब्सिडी घटाने के बाद यह लागत घटकर ₹1,72,000 से ₹2,72,000 के बीच रह जाती है। यह सिस्टम हर महीने करीब 600 से 750 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। मतलब यह कि आपकी 300 यूनिट तक की बिजली मुफ्त होगी, और उससे अधिक बची ऊर्जा ग्रिड में बेचकर 15,000 रुपये तक की वार्षिक अतिरिक्त कमाई भी की जा सकती है।

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यह योजना केवल बिजली बिल कम करने का नहीं, बल्कि छोटी कमाई का भी आसान जरिया है। ग्रामीण और शहरी दोनों परिवार इसके जरिये एनर्जी इंडिपेंडेंस (ऊर्जा आत्मनिर्भरता) की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

जरूरी नियम और शर्तें

सरकार ने योजना के तहत कुछ मुख्य नियम तय किए हैं ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बनी रहे:

  1. DCR मॉड्यूल अनिवार्य: सब्सिडी पाने के लिए केवल भारत में निर्मित सोलर सेल और मॉड्यूल (Made in India) का उपयोग करना जरूरी है।
  2. अधिकृत वेंडर ही चुनें: सोलर सिस्टम सिर्फ PM Surya Ghar Portal पर सूचीबद्ध पंजीकृत वेंडर्स से ही लगवाया जाए। इससे तकनीकी मानक और सेवा की गारंटी बनी रहती है।
  3. लोन सुविधा: जिन परिवारों को शुरुआती लागत की चिंता है, उनके लिए बैंकों से कम ब्याज पर और बिना किसी जमानत (Collateral) के लोन की सुविधा उपलब्ध है।
  4. ऑनलाइन आवेदन: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर है, जहां आवेदन, वेंडर चयन, निरीक्षण और भुगतान सब डिजिटल रूप से प्रबंधित होता है।

आंकड़ों से आगे

इस योजना ने लोगों के बीच “अपनी बिजली खुद बनाओ” का विचार लोकप्रिय बना दिया है। पहले जहां सौर ऊर्जा को शहरी और महंगी तकनीक माना जाता था, वहीं अब यह गांवों और छोटे कस्बों में तेजी से अपनाई जा रही है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सिर्फ पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि यह एक आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बन चुकी है। बिजली के बिल में बचत से लेकर सालाना आय तक यह घर-घर में आत्मनिर्भरता का नया प्रतीक बन रही है।

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Solar News

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