Floating Solar Power Plants: अब जमीन नहीं, पानी पर तैरेंगे सोलर पैनल! बिजली उत्पादन होगा दोगुना, जानें भारत के इस अनोखे प्रोजेक्ट के बारे में

भारत में सौर ऊर्जा का नया अध्याय शुरू हो चुका है। अब झीलों और जलाशयों पर तैरते हुए फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स से बिजली बनाई जा रही है। ये टेक्नोलॉजी जमीन बचाने के साथ अधिक कुशलता से ऊर्जा उत्पादन करती है। ओंकारेश्वर और रामागुंडम जैसे प्रोजेक्ट भारत को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

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Floating Solar Power Plants: अब जमीन नहीं, पानी पर तैरेंगे सोलर पैनल! बिजली उत्पादन होगा दोगुना, जानें भारत के इस अनोखे प्रोजेक्ट के बारे में

भारत अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है। पहले जहाँ सोलर पैनल्स के लिए जमीन खोजने की चुनौती सामने आती थी, अब वही काम झीलों और डैम पर किया जा रहा है। इस नयी तकनीक को “फ्लोटिंग सोलर पावर” या “फ्लोटोवोल्टाइक्स” कहा जाता है। यानी सोलर पैनल अब जल पर तैरते हैं और वहीं से स्वच्छ ऊर्जा पैदा करते हैं।

कैसे काम करती है यह तकनीक?

इस तकनीक में सोलर पैनल्स को विशेष फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर लगाया जाता है जो पानी पर स्थिर रहते हैं। ये पैनल सूरज की किरणों को उसी तरह कैप्चर करते हैं जैसे जमीन पर लगे पैनल करते हैं, लेकिन पानी के ऊपर होने के कारण ये ज्यादा कुशल बन जाते हैं। पानी का ठंडा वातावरण पैनल्स को ओवरहीट होने से बचाता है और उनकी कार्यक्षमता बढ़ा देता है।

बिजली उत्पादन में बढ़ी क्षमता

विशेषज्ञों के मुताबिक, फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स जमीन पर लगे पैनल्स से करीब 5-10% ज्यादा बिजली बना सकते हैं। इसका कारण है कि जलाशयों के ऊपर तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है जिससे पैनल्स की ऊर्जा रूपांतरण क्षमता बेहतर होती है। साथ ही, पानी की सतह पर धूल कम होती है, जिससे पैनल्स को लगातार साफ रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

देश के प्रमुख फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स

भारत में कई बड़े फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स अब हकीकत बन चुके हैं।

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  • रामागुंडम, तेलंगाना: NTPC द्वारा विकसित 100 मेगावाट का फ्लोटिंग प्लांट देश का सबसे बड़ा चालू प्रोजेक्ट है।
  • ओंकारेश्वर बांध, मध्य प्रदेश: नर्मदा नदी पर 600 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा बनने जा रहा है, जिसकी शुरुआत 2026 तक होने की उम्मीद है।
  • कायमकुलम, केरल: दक्षिण भारत में यह प्रोजेक्ट पहले से ही सफलतापूर्वक संचालन में है और बिजली उत्पादन में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

क्यों है यह एक बेहतर विकल्प?

फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स केवल बिजली ही नहीं पैदा करते, बल्कि कई पर्यावरणीय लाभ भी देते हैं। खेतों और शहरों की भूमि बचती है, जिससे कृषि पर असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, पैनल्स पानी की सतह को ढक लेते हैं जिससे वाष्पीकरण कम होता है और जलाशयों में पानी लंबे समय तक बना रहता है। यह तकनीक पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है क्योंकि इसमें पेड़ काटने या मिट्टी की खुदाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

मुख्य चुनौतियाँ

हर तकनीक की तरह इसमें भी कुछ चुनौतियाँ हैं। फ्लोटिंग स्ट्रक्चर की लागत जमीन आधारित सोलर सिस्टम से थोड़ी अधिक होती है, और लगातार पानी में संपर्क के कारण उपकरणों को जंग से बचाने के लिए विशेष सामग्री की जरूरत पड़ती है। लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, यह परियोजनाएँ भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा का रास्ता साफ कर रही हैं।

भविष्य की दिशा

भारत सरकार ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स एक बड़ा योगदान देने वाले हैं। पानी और सूरज की संयुक्त शक्ति के साथ, भारत न सिर्फ अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाएगा।

Also ReadPremier Energies Ltd: एनर्जी स्टॉक से मिलेगा तगड़ा फायदा, जानें कितना मिलेगा मुनाफा Premier Energies Ltd ने हाल ही में अपने IPO (Initial Public Offering) के जरिए बाजार में जोरदार एंट्री की है। Renewable Energy सेक्टर की इस कंपनी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न देकर सभी का ध्यान खींचा है। IPO से लेकर लिस्टिंग डे तक का प्रदर्शन, मौजूदा शेयर प्राइस, कंपनी की वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिम—इन सभी पहलुओं पर नजर डालना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है। IPO प्रदर्शन और लिस्टिंग डे की रैली Premier Energies Ltd का IPO मूल्य बैंड ₹427 से ₹450 प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। लेकिन जब कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग हुई, तो कीमत ₹990 से ₹994.55 तक पहुंच गई। यानी लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 120% तक का फायदा हुआ। इससे यह साफ हो गया कि बाजार में इस IPO को लेकर जबरदस्त उत्साह था। इस उत्साह का संकेत IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से पहले ही मिल गया था। GMP लगभग ₹397 तक पहुंच गया था, जोकि इश्यू प्राइस पर 88% प्रीमियम को दर्शाता है। IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कुल मिलाकर इसे 75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें QIB (Qualified Institutional Buyers) श्रेणी में 212.42 गुना, NII (Non-Institutional Investors) में 50.98 गुना और रिटेल निवेशकों में 7.44 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सभी वर्गों के निवेशक इस कंपनी में रुचि ले रहे हैं। मौजूदा शेयर मूल्य और विश्लेषण 17 अप्रैल 2025 को Premier Energies Ltd का शेयर प्राइस ₹948.15 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, विश्लेषकों का औसत टारगेट प्राइस ₹925.25 है, जबकि कुछ विश्लेषकों ने इसे ₹1,228 तक भी प्रोजेक्ट किया है। लेकिन एक अहम बात यह है कि JP Morgan ने हाल ही में कंपनी का टारगेट प्राइस ₹1,170 से घटाकर ₹940 कर दिया है। यह इस ओर संकेत करता है कि विश्लेषक कंपनी के मूल्यांकन को लेकर थोड़े सतर्क हैं। वर्तमान में कंपनी का P/E (Price-to-Earnings) अनुपात 52.7 है, जोकि एक हाई वैल्यूएशन को दर्शाता है। वहीं, EPS (Earnings per Share) ₹16.3 है। वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में जबरदस्त छलांग Premier Energies Ltd ने FY24 में ₹3,171.31 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि इस क्षेत्र की एक मझोली कंपनी के लिए काफी मजबूत आंकड़ा है। इस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹231.36 करोड़ रहा, जबकि FY23 में यह आंकड़ा मात्र ₹13.83 करोड़ था। यानी कंपनी ने साल भर में लगभग 1,572% का PAT (Profit After Tax) ग्रोथ दर्ज किया है, जो कि बेहद सराहनीय है। कंपनी की ROE (Return on Equity) 43.73% और ROCE (Return on Capital Employed) 25.65% है। ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि कंपनी ने पूंजी का प्रभावी उपयोग करते हुए उच्च लाभप्रदता अर्जित की है। जोखिम और चुनौतियां हालांकि कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन इसमें कुछ अहम जोखिम भी शामिल हैं जिनका निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए। कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा ग्राहकों से आता है। इस ग्राहक निर्भरता से अगर भविष्य में कोई ग्राहक हटता है या डील में बदलाव होता है, तो कंपनी की कमाई पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, Premier Energies Ltd अपने कई उपकरण चीन से आयात करती है। इस कारण वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार के व्यवधान का असर इसके उत्पादन पर पड़ सकता है। सबसे अहम जोखिम कंपनी का वर्तमान मूल्यांकन है। 52.7 का P/E अनुपात यह दर्शाता है कि निवेशक पहले ही भविष्य की उच्च कमाई को दाम में शामिल कर चुके हैं। ऐसे में यदि कंपनी भविष्य की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, तो स्टॉक में करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दीर्घकालिक नजरिए से निवेश Renewable Energy सेक्टर में Premier Energies Ltd की स्थिति मजबूत होती जा रही है। IPO में जबरदस्त रेस्पॉन्स, लिस्टिंग डे पर शानदार मुनाफा और वित्तीय आंकड़ों में भारी वृद्धि इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाती है। हालांकि, हाई वैल्यूएशन और कुछ रणनीतिक जोखिमों के चलते अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। लेकिन अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और Renewable Energy सेक्टर की संभावनाओं में विश्वास रखते हैं, तो Premier Energies Ltd आपके पोर्टफोलियो में शामिल करने योग्य स्टॉक हो सकता है।

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