
Waaree Renewable Technologies Ltd. ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो ग्रीन एनर्जी के बाजार में कितनी तेजी से उड़ान भर रही है। कल ही 14 जनवरी 2026 को कंपनी को ₹103 करोड़ का जबरदस्त सोलर प्रोजेक्ट मिला, तो उसके शेयरों में ‘अपर सर्किट’ लग गया। ट्रेडिंग के आखिर में भले ही 2% की बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन निवेशकों की नजरें इस स्टॉक पर टिक गई हैं।
ये खबर मार्केट में हलचल मचा रही है, क्योंकि Waaree जैसी कंपनियां भारत के रिन्यूएबल एनर्जी क्रांति का चेहरा बन चुकी हैं। आइए, इसकी पूरी डिटेल्स समझते हैं, जैसे कोई दोस्त बता रहा हो।
प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल्स
ये ऑर्डर कोई छोटा-मोटा नहीं है, दोस्तों। Waaree को ₹102.75 करोड़ (टैक्स अलग) का कॉन्ट्रैक्ट मिला है एक 25 मेगावाट (MWac) / 35 MWp क्षमता वाले ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट का। इसमें इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) का पूरा काम शामिल है, साथ ही 50 MW का इवैक्यूएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर भी। मतलब, बिजली बनाने से लेकर उसे ग्रिड तक पहुंचाने तक सब कुछ Waaree संभालेगी।
ऑर्डर देने वाली कंपनी भारत की टॉप पिग आयरन और सीमलेस ट्यूब्स मैन्युफैक्चरर में से एक है – एक घरेलू दिग्गज। प्रोजेक्ट को वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा करना है, जो कंपनी की तेज एक्जीक्यूशन स्पीड को दिखाता है। सोचिए, इतना बड़ा प्रोजेक्ट मिलना Waaree की ऑर्डर बुक को और मजबूत कर देगा। ग्रीन एनर्जी के इस दौर में ये स्टेप कंपनी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा।
स्टॉक में क्यों लगी अपर सर्किट?
14 जनवरी को सुबह होते ही Waaree Renewable के शेयरों में जोरदार उछाल आ गया। खबर फैली कि ₹103 करोड़ का ऑर्डर हाथ लगा है, तो अपर सर्किट हिट हो गया। पूरे दिन निवेशक खरीदारी में जुटे रहे, हालांकि क्लोजिंग पर 2% की बढ़त ही रही। लेकिन ये शुरुआत है – ऐसे ऑर्डर स्टॉक को लंबे समय तक बूस्ट देते हैं।
पिछले कुछ दिनों से सोलर सेक्टर में हॉटवायर था ही, और Waaree का ये ऐलान परफेक्ट टाइमिंग पर आया। रिटेल इन्वेस्टर्स से लेकर FIIs तक सबकी नजर इस पर है। अगर आप ग्रीन स्टॉक्स ट्रैक करते हैं, तो ये नाम नोट कर लीजिए।
Waaree का गोल्डन पास्ट
Waaree Renewable कोई नई कंपनी नहीं है जो रातोंरात चमकी। पिछले 5 सालों में इसने निवेशकों को 28,000% से ज्यादा का रिटर्न दिया है – जी हां, आपने सही पढ़ा! ये मल्टीबैगर स्टॉक बन चुका है। सोलर पैनल्स से लेकर EPC प्रोजेक्ट्स तक, कंपनी ने हर कदम पर ग्रोथ दिखाई है। भारत सरकार के रिन्यूएबल टारगेट्स, जैसे 500 GW ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य – इसी वजह से Waaree जैसी कंपनियां फल-फूल रही हैं।
कंपनी की स्ट्रेंथ इसकी सॉलिड ऑर्डर बुक में है। ये नया ऑर्डर उसे और पावरफुल बनाएगा। अगर आप लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं, तो Waaree का ट्रैक रिकॉर्ड सोचने पर मजबूर कर देता है। लेकिन याद रखें, मार्केट में रिस्क हमेशा रहता है।
ग्रीन एनर्जी का फ्यूचर
भारत में सोलर एनर्जी का बोलबाला है। सरकार सब्सिडी दे रही है, PLI स्कीम चल रही है, और प्राइवेट सेक्टर भी पीछे नहीं। Waaree जैसी कंपनियां EPC में एक्सपर्ट हैं, जो बड़े प्रोजेक्ट्स को ग्राउंड पर उतारती हैं। ये ऑर्डर न सिर्फ कंपनी की विश्वसनीयता दिखाता है, बल्कि पूरे सेक्टर की ग्रोथ का संकेत भी। आने वाले सालों में ऐसे और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए टिप: Waaree को वॉचलिस्ट में रखें। लेकिन रिसर्च करें, फंडामेंटल्स चेक करें। ग्रीन एनर्जी स्टॉक्स में अभी भी जबरदस्त पोटेंशियल है, खासकर जब ग्लोबल क्लाइमेट चेंज का दबाव बढ़ रहा है। Waaree का ये कदम साबित करता है कि छोटी शुरुआत से बड़े साम्राज्य बनते हैं।







