मध्य प्रदेश में किसानों के लिए सूरज की रोशनी अब कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गई है। नई सोलर पंप योजना से डीजल पंपों की ऊंची लागत और बिजली के बढ़ते बिलों से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा। यह योजना खेतों को हरा-भरा रखते हुए जेब को भी मजबूत बनाएगी।

योजना की खासियतें
यह पहल किसानों को सूर्य ऊर्जा से चलने वाले आधुनिक पंप सुलभ कराती है। 1 से 7.5 एचपी तक के पंपों पर भारी छूट मिलती है, जहां कुल खर्च का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है। किसान को केवल न्यूनतम राशि देकर जीवन भर मुफ्त सिंचाई का लाभ उठाना पड़ता है। फसलें कभी सूखेंगी नहीं, क्योंकि धूप मिलते ही पंप चालू हो जाता है।
किसानों को क्या फायदा?
सालाना डीजल या बिजली पर होने वाला लाखों का खर्च अब इतिहास बन जाएगा। छोटे किसान भी बड़े खेत आसानी से सींच सकेंगे। पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, क्योंकि यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त तकनीक है। ऊपरी लाभ यह कि फसल उत्पादन बढ़ेगा और आय में इजाफा होगा। लाखों परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा।
लागत कितनी आएगी?
विभिन्न क्षमता के पंपों पर छूट का असर सीधे जेब पर दिखता है। 3 एचपी का पंप जो लाखों में आता है, वह अब महज चंद हजारों में घर ला सकते हैं। 5-7 एचपी वाले मॉडल भी सस्ते हो गए हैं। किसान ऋण की सुविधा से बिना बोझ के इसे लगा पाएंगे। बचत इतनी होगी कि दो-तीन साल में ही निवेश वसूल हो जाएगा।
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कौन ले सकता है लाभ?
राज्य के सभी छोटे-बड़े किसान इसके हकदार हैं। खसरा नंबर और आधार कार्ड होना जरूरी है। बिना बिजली वाले दूरस्थ इलाकों को प्राथमिकता मिलेगी। कोई जाति या आय सीमा नहीं, सबके लिए खुला द्वार है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन होता है।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरें। व्यक्तिगत विवरण, जमीन का प्रमाण और बैंक खाता जोड़ें। आवेदन जमा करने के बाद ई-लॉटरी से नाम आएगा। चयन पर वेंडर से पंप लगवाएं और थोड़ी टोकन राशि जमा करें। स्थापना के बाद रखरखाव भी सरकारी सहायता से होगा। जल्दी करें, सीटें सीमित हैं।
भविष्य की राह
यह योजना न सिर्फ खेती को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे राज्य को सौर ऊर्जा की ओर ले जाएगी। आने वाले समय में और विस्तार होगा। किसान भाई अब मौका हाथ से न जाने दें। सूरज की मुफ्त शक्ति से खेतों को समृद्ध बनाएं।







