
मुंबई, 21 जनवरी 2026: रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Suzlon Energy Ltd आज शेयर बाजार में निवेशकों की नजर में है। मंगलवार के कारोबार में कंपनी का शेयर लगभग 2% की गिरावट के साथ ₹47.44 पर बंद हुआ। यह पिछले 52 हफ्तों के हाई से करीब 37% नीचे कारोबार कर रहा है।
हालांकि, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने शेयर पर भरोसा जताते हुए इसे ‘Buy’ रेटिंग दी है और ₹74 का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा स्तरों से इसमें करीब 54% की अपसाइड संभावित है।
ब्रोकरेज का नजरिया: अब जोखिम कम, रिटर्न आकर्षक
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में Suzlon के शेयर पर दबाव निवेशकों की कुछ चिंताओं के कारण रहा। इनमें मुख्य कारण हैं:
- सोलर (Solar) सेगमेंट की तुलना में विंड पावर (Wind Power) का कम हिस्सा
- विंड इंस्टॉलेशन की धीमी गति
- बढ़ती कंपटीशन
ब्रोकरेज का कहना है कि ये सभी चिंताएं पहले ही शेयर के दाम में शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 2030 तक डेटा सेंटर, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहक और सरकारी कंपनियां मिलकर 20-24 GW की अतिरिक्त विंड डिमांड पैदा कर सकती हैं, जो भारत के 100 GW के लक्ष्य से अलग है।
EPC रणनीति से बढ़त, बड़े प्रोजेक्ट्स में अवसर
Motilal Oswal के अनुसार, Suzlon की EPC (Engineering, Procurement & Construction) रणनीति कंपनी को प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले लाभ देती है।
- कंपनी EPC की हिस्सेदारी अपने ऑर्डर बुक में 50% तक बढ़ाने पर काम कर रही है।
- इससे Suzlon को बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स में फायदा मिलेगा।
- कंपनी का एक्जीक्यूशन ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है।
- EPC क्षेत्र में चीनी कंपनियों की सीमित मौजूदगी भी Suzlon के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन 40 GW प्रोजेक्ट्स के PPAs अभी पेंडिंग हैं, उनमें अधिकांश सोलर से जुड़े हैं और विंड का हिस्सा बहुत कम है।
भविष्य की योजना: क्षमता में विस्तार
Suzlon ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन, गिरिश तांती ने CNBC-TV18 से कहा कि आने वाले दो वर्षों में कंपनी 10 GW क्षमता पार कर सकती है।
- 2030 तक यह क्षमता 13 से 15 GW तक पहुंच सकती है।
- कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी लगभग 20 GW प्रति वर्ष है।
- एक्सपोर्ट ऑर्डर्स भी भविष्य में ग्रोथ का बड़ा जरिया बन सकते हैं।
इस समय, Suzlon Energy को लेकर सभी 9 प्रमुख एनालिस्ट्स ने ‘Buy’ रेटिंग दी है, जिससे यह शेयर कंसेंसस बाय कैटेगरी में शामिल है।
निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम
अवसर:
- वर्तमान स्तरों से शेयर में 54% तक की तेजी की संभावना।
- EPC में बढ़ती हिस्सेदारी और बड़े प्रोजेक्ट्स में प्रगति।
- भारत में बढ़ती विंड पावर डिमांड और सरकारी/कॉर्पोरेट निवेश।
जोखिम:
- विंड सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ना।
- इंस्टॉलेशन गति धीमी होना।
- शेयर का हालिया दबाव निवेशकों के लिए सतर्कता का कारण।







