
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Suzlon Energy एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। हाल के महीनों में शेयर ने मजबूत रैली दिखाई है, जिसके बाद बाजार में यह सवाल गूंज रहा है-क्या सुजलॉन का शेयर ₹100 के पार जा सकता है? खासतौर पर उन निवेशकों के लिए यह सवाल अहम है जिनके पोर्टफोलियो में यह स्टॉक पहले से मौजूद है।
Q3 नतीजों से बढ़ा भरोसा
Suzlon Energy ने Q3 FY26 में बाजार को चौंकाते हुए 15% सालाना बढ़त के साथ ₹445 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं कंपनी की आय में करीब 42% की वृद्धि देखने को मिली। ये आंकड़े संकेत देते हैं कि कंपनी का ऑपरेशनल टर्नअराउंड पटरी पर है और ऑर्डर बुक का असर अब नतीजों में दिखने लगा है।
ब्रोकरेज हाउसेज़ क्या कह रहे हैं?
मजबूत नतीजों के बावजूद, ₹100 के टारगेट को लेकर तस्वीर उतनी आक्रामक नहीं है, जितनी सोशल मीडिया या रिटेल चर्चाओं में दिखाई देती है।
- Motilal Oswal ने शेयर पर Buy रेटिंग देते हुए ₹74 के आसपास का टारगेट रखा है।
- Morgan Stanley और JM Financial जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने भी टारगेट को ₹70–₹72 के दायरे में सीमित रखा है।
- Geojit Financial Services का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन पर शेयर में और अपसाइड संभव है, लेकिन उनका लक्ष्य भी ₹73 के आसपास है।
महत्वपूर्ण बात: अभी तक किसी भी प्रमुख या अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउस ने ₹100 या उससे ऊपर का आधिकारिक टारगेट घोषित नहीं किया है।
फिर ₹100 की चर्चा क्यों?
दरअसल, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर लंबे समय का पॉजिटिव आउटलुक, भारत में विंड एनर्जी पर बढ़ता सरकारी फोकस और सुजलॉन का सुधरता बैलेंस शीट-इन सब कारणों से रिटेल निवेशकों और कुछ टेक्निकल एनालिस्ट्स के बीच ₹100 का स्तर चर्चा में है।
हालांकि, यह अनुमान संस्थागत रिसर्च से ज्यादा सेंटिमेंट और लॉन्ग-टर्म उम्मीदों पर आधारित है।
जोखिम अभी खत्म नहीं
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में यह भी साफ किया गया है कि:
- प्रोजेक्ट्स के execution में देरी,
- कच्चे माल की कीमतें,
- और बढ़ती प्रतिस्पर्धा
जैसे फैक्टर्स आगे चलकर शेयर की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
- शॉर्ट टर्म में: शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
- मीडियम टर्म में: ₹65-₹80 का दायरा अधिक यथार्थवादी माना जा रहा है।
- लॉन्ग टर्म में: अगर सेक्टरल ग्रोथ और कंपनी का निष्पादन मजबूत रहा, तभी ₹100 का स्तर संभव होगा,वह भी तुरंत नहीं।






