
भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की लिस्टिंग अब निवेशकों के लिए नया आकर्षण बनती जा रही है। पिछले कुछ महीनों में ग्रे मार्केट में सोलर IPOs की चर्चा ने यह साफ कर दिया है कि यह क्षेत्र अब सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि निवेश के लिए भी चमक रहा है।
Vikram Solar ग्रे मार्केट में मचाई हलचल
सबसे पहले ध्यान की बात है Vikram Solar की। यह भारत की अग्रणी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जिसने अपनी विशाल उत्पादन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के साथ नाम कमाया है। अगस्त 2025 में खुला इसका IPO लगभग ₹2,079 करोड़ का था। ग्रे मार्केट में इसके शेयर की मांग शुरुआत से ही मजबूत रही। निवेशकों ने इस IPO को लेकर उत्साह दिखाया और प्रीमियम स्तर उच्च रहा। लिस्टिंग के बाद भी Vikram Solar ने हल्का लेकिन स्थिर लाभ दिखाया, जो निवेशकों के भरोसे का प्रतीक है।
Emmvee Photovoltaic Power आने वाला IPO
Emmvee Photovoltaic Power अगले बड़े सोलर IPO के रूप में उभर रहा है। SEBI में इसके IPO ड्राफ्ट के दाखिल होने से संकेत मिलता है कि कंपनी ₹2,500–3,000 करोड़ के इश्यू के माध्यम से पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। Emmvee अपने मॉड्यूल और सोलर सेल दोनों उत्पादन में सक्रिय है, और इसकी तकनीकी क्षमता इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि IPO सफल रहा, तो यह सोलर सेक्टर में निवेशकों के लिए लंबी अवधि का आकर्षक अवसर साबित हो सकता है।
Saatvik Green Energy और Solarworld Energy Solutions
इससे पहले, Saatvik Green Energy का IPO ₹900 करोड़ के इश्यू के साथ सब्सक्राइब हुआ था और इसकी लिस्टिंग भी सफल रही। वहीं, Solarworld Energy Solutions ने छोटे-से-मध्यम निवेशकों के लिए अपने IPO की घोषणा की है, जो EPC सेवाओं और सोलर प्लांट निर्माण में सक्रिय है।
निवेशकों के लिए संकेत
ग्रे मार्केट प्रीमियम का तेजी से बढ़ना इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा सोलर सेक्टर में बढ़ रहा है। सरकारी योजनाओं, जैसे PLI (Production Linked Incentive), और बढ़ती घरेलू मांग ने सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को निवेश के लिहाज से आकर्षक बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये IPOs लंबी अवधि में मुनाफे के अवसर दे सकते हैं, लेकिन साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की टेक्नोलॉजी और वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।






