
बिजली के बेकाबू बढ़ते बिल से तंग आ चुके लाखों परिवार अब छत पर सोलर पैनल लगवाने की ओर रुख कर रहे हैं। धूप को सीधे बिजली में बदलने का यह ट्रेंड 2026 में रफ्तार पकड़ चुका है, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में जहां बिजली खपत 300-500 यूनिट मासिक है। लेकिन सवाल वही पुराना है- कितने kW का सिस्टम सही रहेगा? जरूरत से ज्यादा कैपेसिटी लगवाने पर खर्चा बढ़ता है, जबकि कम पड़ने पर फायदा नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक, औसत मध्यमवर्गीय परिवार के लिए 3kW सोलर सिस्टम आइडियल है।
यह फ्रिज, AC, पंखे, TV और लाइट्स जैसी जरूरतें आसानी से पूरी करता है। अच्छी बात यह कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में इस पर भारी सब्सिडी भी मिल रही है। आइए, विस्तार से जानें 2026 की लेटेस्ट डिटेल्स।
3kW सिस्टम की लेटेस्ट लागत
2026 में 3kW ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम की कीमत ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख के बीच है। इसमें हाई-क्वालिटी मोनोक्रिस्टलाइन पैनल (6-10 नग, 370-450W प्रत्येक), इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, वायरिंग और इंस्टॉलेशन सब शामिल है। ब्रांड जैसे Waaree, Tata या Adani चुनने पर कीमत थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है। दिल्ली में स्थानीय टैक्स और लेबर चार्ज से ₹20,000-30,000 अतिरिक्त लग सकता है।
नई 5% GST दर (पहले 12%) ने लागत को और कम किया है। ऑफ-ग्रिड वैरिएंट ₹2.4-3 लाख तक और हाइब्रिड ₹2.7-3.5 लाख का पड़ता है, लेकिन सब्सिडी मुख्यतः ऑन-ग्रिड पर ही लागू होती है। एक 3kW सिस्टम प्रतिदिन 12-15 यूनिट बिजली पैदा करता है, यानी मासिक 360-450 यूनिट और सालाना 4,000 से ज्यादा। इससे ₹3,000-4,000 मासिक बिल की बचत होती है।
सब्सिडी का पूरा ब्रेकअप
सबसे बड़ा सवाल- क्या 3kW पर भी सब्सिडी मिलेगी? हां, बिल्कुल! पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3kW या इससे बड़े सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 की कैप्ड सब्सिडी दी जाती है। ब्रेकअप ऐसा है- पहले 2kW पर ₹30,000 प्रति kW (कुल ₹60,000) और अगले 1kW पर ₹18,000। यह राशि वेरिफिकेशन के बाद डायरेक्ट बैंक खाते में आती है। योजना 2026-27 तक चलेगी, जिसमें कुल ₹75,000 करोड़ का आउटले है।
पात्रता सरल है- भारतीय नागरिक, पक्की छत (250-300 वर्ग फुट, दक्षिण मुखी बेहतर), वैलिड बिजली कनेक्शन और पहले कोई सोलर सब्सिडी न ली हो। दिल्ली में BSES जैसे डिस्कॉम से नेट मीटरिंग मिलती है, जो अतिरिक्त बिजली बेचने की सुविधा देती है। राज्य स्तर पर भी बोनस सब्सिडी संभव, जैसे हरियाणा या यूपी में ₹30,000 एक्स्ट्रा। आवेदन pmsuryaghar.gov.in पर करें, MNRE-अनुमोदित वेंडर चुनें। सब्सिडी जोड़ने के बाद कुल खर्च ₹72,000 से ₹1.72 लाख रह जाता है।
निवेश का शानदार रिटर्न
इस निवेश का रिटर्न कमाल का है। 3-5 साल में पेबैक पीरियड पूरा हो जाता है, और 25 साल की लाइफ में ₹8-9 लाख की बचत! मिडिल क्लास परिवार के लिए जीरो इनवेस्टमेंट या EMI लोन ऑप्शन भी उपलब्ध हैं। पर्यावरण को फायदा तो है ही, बिजली कटौती में भी हाइब्रिड मॉडल बैकअप देता है। हालांकि, सावधानी बरतें- टियर-1 ब्रांड ही लें, फ्री कंसल्टेशन लें और DCR (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) पैनल चुनें। 2026 में सोलर क्रांति का सही समय है। बिल्कुल जीरो बिजली बिल पाने का मौका हाथ से न जाने दें। अधिक जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल चेक करें।







