6kW सोलर सिस्टम से रोज, महीने और साल में कितनी बिजली मिलेगी? जानें यूनिट वाइज डिटेल

अगर आप भी बिजली के बढ़ते बिलों से परेशान हैं, तो 6 किलोवाट का सोलर सिस्टम आपके लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। जानिए रोजाना, महीने और सालभर में कितना होता है बिजली उत्पादन और कैसे ले सकते हैं सरकार की सब्सिडी का पूरा फायदा।

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Written by Rohit Kumar

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6kW सोलर सिस्टम से रोज, महीने और साल में कितनी बिजली मिलेगी? जानें यूनिट वाइज डिटेल
6kW सोलर सिस्टम से रोज, महीने और साल में कितनी बिजली मिलेगी? जानें यूनिट वाइज डिटेल

भारत में जैसे-जैसे बिजली की मांग बढ़ रही है और बिजली बिल आम जनता की जेब पर बोझ बनता जा रहा है, वैसे-वैसे सोलर एनर्जी-Solar Energy एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरकर सामने आ रही है। खासकर जब सरकार और उपभोक्ता दोनों ही रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy को लेकर पहले से कहीं अधिक सजग हो चुके हैं। इसी संदर्भ में 6 किलोवाट (kW) का सोलर सिस्टम एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आया है जो घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं की बिजली जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 6kW का सोलर सिस्टम प्रतिदिन, प्रति माह और पूरे वर्ष में कितनी यूनिट बिजली उत्पन्न करता है और यह आपके बिजली खर्च को कैसे घटा सकता है।

रोजाना कितनी यूनिट बिजली देता है 6kW का सोलर सिस्टम?

एक 6 किलोवाट का सोलर सिस्टम आमतौर पर प्रतिदिन औसतन 24 से 30 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकता है। यह आंकड़ा सामान्य परिस्थितियों पर आधारित है, जिसमें मौसम साफ हो और धूप पर्याप्त रूप से उपलब्ध हो। हालांकि यह उत्पादन स्थान, मौसम, पैनल की दक्षता और इंस्टॉलेशन के कोण जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

यदि आपके क्षेत्र में धूप भरपूर मात्रा में मिलती है और सोलर पैनलों की समय-समय पर सफाई व रखरखाव होता है, तो उत्पादन की मात्रा उच्चतम सीमा तक पहुंच सकती है। वहीं यदि बादल या बारिश की स्थिति अधिक रहती है, तो यह उत्पादन न्यूनतम स्तर तक सीमित रह सकता है।

एक महीने में कितनी बिजली मिलती है 6 किलोवाट सोलर सिस्टम से?

जब हम एक महीने के बिजली उत्पादन का आकलन करते हैं, तो प्रतिदिन के औसत उत्पादन को आधार बनाया जाता है। यदि मान लें कि सोलर सिस्टम रोजाना 24 यूनिट बिजली दे रहा है, तो पूरे महीने में लगभग 720 यूनिट बिजली उत्पन्न होगी। और यदि प्रतिदिन का उत्पादन 30 यूनिट है, तो मासिक उत्पादन 900 यूनिट तक पहुंच सकता है।

यह मात्रा एक औसत भारतीय घर की मासिक बिजली खपत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इससे न केवल बिजली बिल में सीधी बचत होती है, बल्कि ग्रिड से आपकी निर्भरता भी घट जाती है। ऐसे में यह सिस्टम उन उपभोक्ताओं के लिए बहुत उपयोगी है जो अपने घर में एसी, गीजर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे बिजली-खपत वाले उपकरणों का नियमित उपयोग करते हैं।

सालभर में कितना उत्पादन करेगा 6 किलोवाट का सिस्टम?

यदि आप जानना चाहते हैं कि पूरे साल में 6kW का सोलर सिस्टम कितनी यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकता है, तो आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसका वार्षिक उत्पादन 8,760 यूनिट से 10,950 यूनिट तक हो सकता है।

यह अनुमान इस आधार पर लगाया गया है कि यदि सोलर सिस्टम प्रतिदिन 24 से 30 यूनिट बिजली उत्पन्न करे, तो पूरे साल (365 दिन) में यही आंकड़ा हजारों यूनिट तक पहुंच सकता है। यह उत्पादन एक बड़े परिवार या छोटे व्यवसाय की वार्षिक जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम होता है।

इसके अलावा, यदि आप नेट मीटरिंग-Net Metering का विकल्प चुनते हैं, तो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर उससे आय भी अर्जित कर सकते हैं।

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बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

सोलर सिस्टम से अधिकतम उत्पादन पाने के लिए कुछ जरूरी बातों का पालन करना जरूरी है। सबसे पहले, पैनलों की नियमित सफाई करनी चाहिए ताकि उन पर जमी धूल या मिट्टी उनके प्रदर्शन को प्रभावित न करे।

दूसरे, इंस्टॉलेशन का कोण ऐसा होना चाहिए कि सूरज की सीधी रोशनी अधिकतम समय तक पैनल पर पड़े। इसके अलावा, वर्ष में कम से कम एक बार सिस्टम की प्रोफेशनल सर्विसिंग करवाना भी जरूरी है ताकि उसकी कार्यक्षमता बनी रहे और उसकी लाइफ बढ़ सके।

क्या 6 किलोवाट का सोलर सिस्टम आपके लिए सही है?

6kW का सोलर सिस्टम उन लोगों के लिए आदर्श है जिनके घर या कार्यालय में हर महीने 700 से 1000 यूनिट तक बिजली की खपत होती है। अगर आपका बिजली बिल ₹5,000 या उससे अधिक आता है, तो यह सिस्टम आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

इस सिस्टम की लागत की भरपाई यानी पेबैक पीरियड (Payback Period) 3 से 5 वर्षों के भीतर हो सकती है। इसके बाद जो भी बिजली आप उत्पन्न करेंगे, वह पूरी तरह मुफ्त होगी और आपके बिजली बिल को लगभग खत्म कर देगी।

इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारें सोलर सिस्टम पर सब्सिडी-Subsidy भी प्रदान करती हैं, जिससे इसकी लागत में बड़ी राहत मिलती है। आप अपने स्थानीय डिस्कॉम-DISCOM या सरकारी वेबसाइट के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

सरकार की योजनाएं और सोलर जागरूकता

भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए नेशनल सोलर मिशन और अन्य योजनाएं सोलर ऊर्जा को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खासकर जब बात घरेलू उपयोगकर्ताओं की हो, तो सरकार 40% तक की सब्सिडी भी प्रदान करती है।

छत पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया अब सरल हो चुकी है और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। यदि आप चाहें तो इंटरनेट पर मौजूद कई विशेषज्ञ वीडियो और गाइड की मदद से सोलर इंस्टॉलेशन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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