क्या भारत में बनेगी दुनिया की सबसे सस्ती EV बैटरी?

Budget 2025 में बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी खत्म, देश में बनेगी गीगाफैक्ट्री, EV खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी – जानिए कब और कितने सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक वाहन!

Photo of author

Written by Rohit Kumar

Published on

क्या भारत में बनेगी दुनिया की सबसे सस्ती EV बैटरी?
क्या भारत में बनेगी दुनिया की सबसे सस्ती EV बैटरी?

भारत सरकार और प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियाँ मिलकर EV बैटरियों की लागत कम करने पर फोकस कर रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की कीमतों में कमी लाने का रास्ता साफ हो सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में यह संकेत दिया कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में गिरावट से Electric Vehicles की कीमतें भी कम होंगी, जिससे आम लोग भी इनका लाभ उठा सकेंगे।

बजट 2025 में EV बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी से राहत की घोषणा

Budget 2025 में भारत सरकार ने EV बैटरियों के उत्पादन से जुड़ी 35 अतिरिक्त वस्तुओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से मुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य देश में EV Battery Manufacturing को बढ़ावा देना है ताकि आयात पर निर्भरता घटे और घरेलू स्तर पर लागत में भारी कमी लाई जा सके।

इस फैसले से न केवल EV Sector को बल मिलेगा, बल्कि भारत में Renewable Energy और Green Mobility को भी गति मिलेगी। इससे घरेलू कंपनियाँ जैसे कि Tata Motors, Ola Electric, और Mahindra Electric जैसे ब्रांड्स को लोकल मैन्युफैक्चरिंग में सहायता मिलेगी।

टाटा ग्रुप की गीगाफैक्ट्री से उत्पादन को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ती और सुलभ बनाने के लिए Tata Group ने भी बड़ा निवेश किया है। टाटा ने भारत में बैटरी गीगाफैक्ट्री की स्थापना के लिए $1.5 बिलियन (लगभग ₹12,000 करोड़) का निवेश किया है। यह गीगाफैक्ट्री 2026 तक उत्पादन शुरू कर सकती है और इससे भारत में बैटरी निर्माण की क्षमता में बड़ा इज़ाफा होगा।

इस फैसले से टाटा मोटर्स जैसे ऑटोमोबाइल निर्माता अपने वाहनों के लिए बैटरियों का लोकल स्रोत बना पाएंगे जिससे EV Cost में सीधी कटौती संभव हो सकेगी।

EV बैटरियों की कीमतों में वैश्विक गिरावट से भारत को राहत की उम्मीद

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Lithium Batteries की कीमतों में तेज़ गिरावट देखी जा रही है। पिछले दो वर्षों में इनकी कीमतों में 20% से 30% तक की कमी दर्ज की गई है। इस ट्रेंड का सीधा फायदा भारत को मिल सकता है, क्योंकि यहां EVs की कीमत का लगभग 40% हिस्सा बैटरी की लागत से निर्धारित होता है।

अगर यह गिरावट जारी रही और लोकल प्रोडक्शन को बल मिला, तो निकट भविष्य में भारत में EV खरीदना पेट्रोल या डीज़ल वाहन से सस्ता हो सकता है।

Also Read1kW Solar Unit Generation: 1kW से 10kW तक सोलर पैनल से कितनी बिजली बनेगी? जानिए सटीक कैलकुलेशन का फॉर्मूला

1kW Solar Unit Generation: 1kW से 10kW तक सोलर पैनल से कितनी बिजली बनेगी? जानिए सटीक कैलकुलेशन का फॉर्मूला

घरेलू उत्पादन से EV इंडस्ट्री को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ावा

भारत सरकार की Make in India नीति के तहत EV बैटरियों का स्थानीय उत्पादन आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि भारत एक Global Battery Manufacturing Hub के रूप में भी उभर सकता है।

सरकार और उद्योग जगत का यह संयुक्त प्रयास भारत को EV क्रांति की अगली पंक्ति में खड़ा कर सकता है, जहाँ देशभर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ बैटरी रीसाइक्लिंग और अपग्रेडेशन की टेक्नोलॉजी का भी विकास होगा।

यह भी पढ़े-Altigreen जैसी स्टार्टअप कंपनियाँ कैसे बना रही हैं EV बैटरी के स्मार्ट सॉल्यूशन?

EV Ecosystem को मिलेगा व्यापक विस्तार

EV बैटरियों की लागत में कमी और घरेलू उत्पादन से EV Ecosystem में भी बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा। इससे चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ेगी, अधिक लोगों को EV अपनाने की प्रेरणा मिलेगी, और EVs की रीसेल वैल्यू में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

सरकार का यह निर्णय न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि देश के ऊर्जा आयात बिल को भी कम करेगा और आर्थिक विकास को ग्रीन दिशा में मोड़ देगा।

Also Readसर्दियों में बिना धूप के भी चलेगा सोलर पैनल! सूर्य घर योजना का कमाल, जानें बिजली बिल का गणित

सर्दियों में बिना धूप के भी चलेगा सोलर पैनल! सूर्य घर योजना का कमाल, जानें बिजली बिल का गणित

Author
Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

Leave a Comment

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें