8kW सोलर पैनल से रोज कितनी यूनिट बिजली मिलेगी? जानिए आपके खर्च और फायदे का पूरा हिसाब

अगर बढ़ते बिजली बिल से परेशान हैं, तो अब समय है सोलर की ओर कदम बढ़ाने का! 8kW सोलर सिस्टम रोजाना देगा 32–40 यूनिट मुफ्त बिजली, जिससे हर साल होगी ₹1 लाख तक की बचत। ₹4 लाख से भी कम में इंस्टॉलेशन, ऊपर से सरकार की सब्सिडी और नेट मीटरिंग से मिलेगा अतिरिक्त फायदा – जानिए पूरी डिटेल।

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Written by Rohit Kumar

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8kW सोलर पैनल से रोज कितनी यूनिट बिजली मिलेगी? जानिए आपके खर्च और फायदे का पूरा हिसाब
8kW सोलर पैनल से रोज कितनी यूनिट बिजली मिलेगी? जानिए आपके खर्च और फायदे का पूरा हिसाब

भारत जैसे देश में बढ़ती बिजली परेशानी और बिजली की अत्यधिक मांग को देखते हुए सरकार ने खासकर रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते 8kw Solar Panel सिस्टम जो अब देश के सभी आम उपभोक्ता के लिए एक व्यावहारिक और लाभकारी विकल्प बनता जा रहा है। इसी के साथ अगर बात उत्तर भारत जैसे इलाकों की करे तो इसमें जो खास बात आपको देखने के लिए मिलेगी वह यह कि इस 8kw सोलर सिस्टम में जहां साल भर अच्छी धूप मिलती है,यह सिस्टम न केवल घर की बिजली जरूरतों को पूरा कर सकता है,बल्कि लंबे समय तक मुफ़्त बिजली देने की क्षमता भी रखता है।

मौसम और लोकेशन के हिसाब से रोज 32 से 40 यूनिट बिजली उत्पादन

जैसा की आप हम सभी जानते है,भारत में जहां औसतन 4 से 5 घंटे के पीक सन ऑवर्स मिलते हैं, वहां 8kW का सोलर पैनल सिस्टम प्रतिदिन लगभग 32 से 40 यूनिट (kWh) तक बिजली उत्पन्न कर सकता है। यह आंकड़ा स्थान ,मौसम और सोलर पैनल पर निर्भर करता है।

महीने और सालाना बिजली उत्पादन की पूरी तस्वीर

8 kW का यह सिस्टम महीने में करीब 960 से 1,200 यूनिट बिजली बना सकता है। इसका सालाना आंकड़ा 11,680 से लेकर 14,600 यूनिट तक जा सकता है। Shieldenchannel जैसी तकनीकी वेबसाइटों पर उपलब्ध डाटा के अनुसार यह आंकड़े न केवल व्यावहारिक हैं बल्कि वास्तविक उपयोग में भी यही ट्रेंड देखने को मिलता है। यह घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपयोग के लिए एक आदर्श समाधान बन जाता है।

लागत, सब्सिडी और नेट निवेश: जानिए पूरा गणित

भारत में 8 kW सोलर सिस्टम की कुल लागत ₹4.5 लाख से ₹6 लाख तक आ सकती है। लेकिन भारत सरकार की ‘पीएम सूर्य-घर योजना’ (PM Surya Ghar Yojana) के तहत मिलने वाली सब्सिडी इस लागत को काफी हद तक कम कर देती है। इस योजना के अनुसार ₹78,000 प्रति किलोवाट तक की सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि, जमीन पर वास्तविकता देखें तो यह सब्सिडी ₹1.2 लाख से ₹2 लाख के बीच सीमित रहती है।

सब्सिडी के बाद उपभोक्ता का वास्तविक निवेश ₹3 से ₹4 लाख तक रह जाता है। यह निवेश एक बार का है लेकिन इसके फायदे कई सालों तक चलते हैं।

हर साल ₹1 लाख तक की बचत, ROI महज 3–5 साल में

अगर किसी घर में प्रतिदिन औसतन 40 यूनिट बिजली उत्पन्न होती है और स्थानीय यूनिट रेट ₹7 प्रति यूनिट है, तो रोजाना ₹280 की बचत संभव है। यह मासिक तौर पर ₹8,400 और सालाना ₹1,00,800 तक की बचत बनती है। यानी लगभग ₹3.5 से ₹4 लाख के निवेश पर 3.5 से 4 साल में पूरा निवेश वसूल हो सकता है। अगर मौसम या अन्य कारणों से उत्पादन थोड़ा कम हो जाए, तब भी ROI अधिकतम 5 वर्षों में पूरा हो जाता है।

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नेट मीटरिंग से और भी बढ़ सकता है मुनाफा

अगर आप Agra या किसी ऐसे शहर में रहते हैं जहां नेट मीटरिंग की सुविधा उपलब्ध है, तो आप अतिरिक्त उत्पादित बिजली को DISCOM को भेज सकते हैं। इससे न केवल आपका बिजली बिल कम होता है, बल्कि कई राज्यों में आपको अतिरिक्त यूनिट के बदले क्रेडिट या भुगतान भी मिलता है। यानी यह सिस्टम न केवल आपकी जरूरतें पूरी करता है बल्कि कमाई का जरिया भी बन सकता है।

बैटरी जरूरी या नहीं? जानिए सही विकल्प

अधिकांश घरों के लिए Grid-Tie सोलर सिस्टम ज्यादा उपयुक्त रहता है, जिसमें बैटरी की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे सिस्टम सीधे ग्रिड से जुड़े रहते हैं और दिन में सौर ऊर्जा, जबकि रात में ग्रिड से बिजली लेते हैं। बैटरी आधारित सिस्टम महंगे होते हैं और उनकी मेंटेनेंस लागत भी अधिक होती है। इसलिए अधिकतर उपभोक्ता ग्रिड-टाई सिस्टम को ही प्राथमिकता देते हैं।

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पर्यावरण को भी मिल रहा फायदा

8 kW सोलर पैनल सिस्टम सालाना हजारों किलो कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन को कम कर सकता है। यह भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इसके अलावा, यह देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने में भी मदद करता है।

क्या 8 kW सोलर सिस्टम एक फायदेमंद सौदा है?

8 kW सोलर सिस्टम एक दीर्घकालिक और लाभदायक निवेश है। ₹3–4 लाख के निवेश पर सालाना ₹1 लाख तक की बचत, नेट मीटरिंग से अतिरिक्त लाभ और सरकार की सब्सिडी इस सिस्टम को और भी किफायती बनाती है। भारत जैसे देश में, जहां साल भर अच्छी धूप मिलती है, यह सिस्टम कई वर्षों तक मुफ्त और स्वच्छ ऊर्जा देने में सक्षम है। यह न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि पर्यावरण के लिहाज़ से भी एक स्मार्ट विकल्प है।

Also ReadPremier Energies Ltd: एनर्जी स्टॉक से मिलेगा तगड़ा फायदा, जानें कितना मिलेगा मुनाफा Premier Energies Ltd ने हाल ही में अपने IPO (Initial Public Offering) के जरिए बाजार में जोरदार एंट्री की है। Renewable Energy सेक्टर की इस कंपनी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न देकर सभी का ध्यान खींचा है। IPO से लेकर लिस्टिंग डे तक का प्रदर्शन, मौजूदा शेयर प्राइस, कंपनी की वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिम—इन सभी पहलुओं पर नजर डालना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है। IPO प्रदर्शन और लिस्टिंग डे की रैली Premier Energies Ltd का IPO मूल्य बैंड ₹427 से ₹450 प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। लेकिन जब कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग हुई, तो कीमत ₹990 से ₹994.55 तक पहुंच गई। यानी लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 120% तक का फायदा हुआ। इससे यह साफ हो गया कि बाजार में इस IPO को लेकर जबरदस्त उत्साह था। इस उत्साह का संकेत IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से पहले ही मिल गया था। GMP लगभग ₹397 तक पहुंच गया था, जोकि इश्यू प्राइस पर 88% प्रीमियम को दर्शाता है। IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कुल मिलाकर इसे 75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें QIB (Qualified Institutional Buyers) श्रेणी में 212.42 गुना, NII (Non-Institutional Investors) में 50.98 गुना और रिटेल निवेशकों में 7.44 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सभी वर्गों के निवेशक इस कंपनी में रुचि ले रहे हैं। मौजूदा शेयर मूल्य और विश्लेषण 17 अप्रैल 2025 को Premier Energies Ltd का शेयर प्राइस ₹948.15 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, विश्लेषकों का औसत टारगेट प्राइस ₹925.25 है, जबकि कुछ विश्लेषकों ने इसे ₹1,228 तक भी प्रोजेक्ट किया है। लेकिन एक अहम बात यह है कि JP Morgan ने हाल ही में कंपनी का टारगेट प्राइस ₹1,170 से घटाकर ₹940 कर दिया है। यह इस ओर संकेत करता है कि विश्लेषक कंपनी के मूल्यांकन को लेकर थोड़े सतर्क हैं। वर्तमान में कंपनी का P/E (Price-to-Earnings) अनुपात 52.7 है, जोकि एक हाई वैल्यूएशन को दर्शाता है। वहीं, EPS (Earnings per Share) ₹16.3 है। वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में जबरदस्त छलांग Premier Energies Ltd ने FY24 में ₹3,171.31 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि इस क्षेत्र की एक मझोली कंपनी के लिए काफी मजबूत आंकड़ा है। इस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹231.36 करोड़ रहा, जबकि FY23 में यह आंकड़ा मात्र ₹13.83 करोड़ था। यानी कंपनी ने साल भर में लगभग 1,572% का PAT (Profit After Tax) ग्रोथ दर्ज किया है, जो कि बेहद सराहनीय है। कंपनी की ROE (Return on Equity) 43.73% और ROCE (Return on Capital Employed) 25.65% है। ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि कंपनी ने पूंजी का प्रभावी उपयोग करते हुए उच्च लाभप्रदता अर्जित की है। जोखिम और चुनौतियां हालांकि कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन इसमें कुछ अहम जोखिम भी शामिल हैं जिनका निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए। कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा ग्राहकों से आता है। इस ग्राहक निर्भरता से अगर भविष्य में कोई ग्राहक हटता है या डील में बदलाव होता है, तो कंपनी की कमाई पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, Premier Energies Ltd अपने कई उपकरण चीन से आयात करती है। इस कारण वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार के व्यवधान का असर इसके उत्पादन पर पड़ सकता है। सबसे अहम जोखिम कंपनी का वर्तमान मूल्यांकन है। 52.7 का P/E अनुपात यह दर्शाता है कि निवेशक पहले ही भविष्य की उच्च कमाई को दाम में शामिल कर चुके हैं। ऐसे में यदि कंपनी भविष्य की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, तो स्टॉक में करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दीर्घकालिक नजरिए से निवेश Renewable Energy सेक्टर में Premier Energies Ltd की स्थिति मजबूत होती जा रही है। IPO में जबरदस्त रेस्पॉन्स, लिस्टिंग डे पर शानदार मुनाफा और वित्तीय आंकड़ों में भारी वृद्धि इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाती है। हालांकि, हाई वैल्यूएशन और कुछ रणनीतिक जोखिमों के चलते अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। लेकिन अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और Renewable Energy सेक्टर की संभावनाओं में विश्वास रखते हैं, तो Premier Energies Ltd आपके पोर्टफोलियो में शामिल करने योग्य स्टॉक हो सकता है।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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