
Premier Energies के शेयरों ने हाल ही में ऐसा धक्का खाया कि वो ऑल-टाइम लो ₹709.05 के बिल्कुल पास पहुंच गए। 15 जनवरी 2026 तक कीमत ₹728.4 के आसपास घूम रही है। पिछले एक साल में 33% की चोट लग चुकी है। लेकिन क्या ये गिरावट का अंत है? बाजार में हलचल है, और कुछ संकेत रिकवरी की ओर इशारा कर रहे। सोलर सेक्टर में उतार-चढ़ाव तो चलता ही है, आइए देखें पूरी कहानी।
गिरावट की मौजूदा तस्वीर
शेयर ने 9 जनवरी को ₹709.05 का नया निचला स्तर छुआ 52-सप्ताह और ऑल-टाइम लो। अभी भी कमजोर ट्रेंड में है। पिछले महीनों में वैश्विक दबाव और सेक्टर की ओवरसप्लाई ने इसे नीचे धकेला। लेकिन अब सवाल ये कि कितना और गिरेगा? निवेशक परेशान हैं, पर कुछ ब्रोकरेज जैसे बर्नस्टीन ने टारगेट ₹718 रखा है, जो बियरिश व्यू दिखाता है। फिर भी, बाजार unpredictable है।
RSI दे रहा ओवरसोल्ड सिग्नल
तकनीकी नजरिए से RSI 26-30 पर है, जो ओवरसोल्ड जोन है। मतलब बिकवाली ओवर हो चुकी, अब खरीदार आ सकते हैं। आमतौर पर ये छोटी रिकवरी का इशारा होता है। लेकिन शेयर को ₹750-760 के ऊपर टिकना होगा वरना कमजोरी बनी रहेगी। सभी मूविंग एवरेज – 5, 50, 200 दिन वाले से नीचे है, तो ट्रेंड अभी बेयरिश। ट्रेडर्स सतर्क रहें।
कंपनी के पास इतने मजबूत तुरुप के अस
गिरावट के बावजूद फंडामेंटल्स कमाल के। ROE 34.58% पर है, और कंपनी लगभग डेब्ट-फ्री। आंध्र प्रदेश-तेलंगाना में ₹11,000 करोड़ का मेगा एक्सपैंशन सेल और मॉड्यूल कैपेसिटी दोगुनी होगी। सोलर मॉड्यूल की कीमतें जनवरी में 10-15% चढ़ीं, तो मार्जिन सुधरेंगे। ये प्लान्स लॉन्ग टर्म में कंपनी को उभारेगा। सोलर डिमांड बढ़ रही, सरकारी पुश है।
निवेशकों के सामने चुनौतियां और रास्ता
बियरिश सेंटिमेंट है – ओवरसप्लाई की चिंता। ब्रोकरेज Sell या Hold कह रहे। लेकिन ओवरसोल्ड RSI खरीदारी का मौका दे सकता। सलाह? डिप्स पर छोटे लॉट्स खरीदें, स्टॉप-लॉस ₹700 के नीचे। लॉन्ग टर्म वालों को होल्ड करें, एक्सपैंशन फ्रूट्स मिलेंगे। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स ₹750 ब्रेकआउट का इंतजार करें। रिस्क हाई, लेकिन रिवार्ड भी।
प्रीमियर एनर्जीज का सफर मुश्किल, लेकिन एंड गेम ब्राइट लगता। सोलर का भविष्य बड़ा है, और ये कंपनी उसका हिस्सा। क्या लगेगा rebound? बाजार बताएगा, लेकिन आंखें खुली रखें। स्मार्ट प्ले करें, नुकसान से बचें!







