किसानों के लिए खुशखबरी! 46.64 करोड़ की नई केंद्रीय मंजूरी; अब खेतों में दिन में ही मिलेगी भरपूर बिजली।

राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब खेतों में दिन के समय भी बिजली उपलब्ध होगी, जिससे सिंचाई और कृषि कार्य आसान होंगे। जानिए कैसे यह नई योजना किसानों की आय बढ़ाएगी और खेतों में खेती का पूरा अनुभव बदल देगी।

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Written by Rohit Kumar

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किसानों के लिए खुशखबरी! 46.64 करोड़ की नई केंद्रीय मंजूरी; अब खेतों में दिन में ही मिलेगी भरपूर बिजली।
किसानों के लिए खुशखबरी! 46.64 करोड़ की नई केंद्रीय मंजूरी; अब खेतों में दिन में ही मिलेगी भरपूर बिजली।

किसानों के लिए बिजली की उपलब्धता को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए PM‑KUSUM योजना के Component‑C के तहत 46.64 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि सीधे किसानों को दिन में खेतों में सौर ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध कराने के लिए खर्च की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में बिजली की कमी लंबे समय से किसानों की सबसे बड़ी समस्या रही है। विशेष रूप से छोटे और मझौले किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली तो मिलती थी, लेकिन दिन में बिजली न मिलने के कारण पंप और अन्य कृषि कार्य प्रभावित होते थे। अब PM‑KUSUM योजना के Component-C के जरिए यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।

PM-KUSUM योजना और Component-C

PM‑KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान) योजना का मुख्य उद्देश्य है किसानों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना। योजना के तीन प्रमुख घटक हैं:

  1. Component‑A: सौर पंपिंग सिस्टम, जो सीधे किसानों के खेतों में लगते हैं।
  2. Component‑B: स्थापित डीजल पंप को सोलर पंप में बदलना।
  3. Component‑C: ग्रामीण फीडरों का सोलराइजेशन, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है।

केंद्र ने हाल ही में मंजूरी दी ₹46.64 करोड़ की राशि Component‑C के तहत राजस्थान में ग्रामीण फीडरों को सोलराइज करने के लिए। इसका मतलब है कि अब किसानों को दिन में भी भरपूर बिजली उपलब्ध होगी और डीजल पंप या अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी।

किसानों के लिए फायदे

विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलेगा:

  • दिन में उपलब्ध बिजली: अब खेतों में सिंचाई, फसलों की देखभाल और कृषि कार्य दिन में ही किए जा सकेंगे।
  • खर्च में बचत: सौर ऊर्जा आधारित बिजली से डीजल पंप पर निर्भरता घटेगी, जिससे किसानों की लागत कम होगी।
  • उत्पादकता बढ़ेगी: समय पर सिंचाई और काम से फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ेगी।
  • ऊर्जा सुरक्षा: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या कम होगी और खेती अधिक सुचारू तरीके से चलेगी।

राजस्थान के कृषि विशेषज्ञ डॉ. अनुराग वर्मा का कहना है,

“सौर ऊर्जा आधारित फीडर किसानों के लिए गेम‑चेंजर साबित होंगे। दिन के समय बिजली मिलने से सिंचाई और अन्य कृषि कार्य आसान हो जाएंगे, और किसानों की आय में सुधार होगा।”

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किसानों की प्रतिक्रिया

कुछ किसानों ने इस योजना को खेतों में नई ऊर्जा का संचार बताया। गंगानगर के किसान रामकिशन सैनी ने कहा,

“अब हमें रात की बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दिन में भी बिजली मिलने से फसल की सिंचाई समय पर होगी और हम अन्य काम भी कर पाएंगे।”

उधर, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी तुरंत लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्थान सरकार जल्द ही Component‑C के तहत ग्रामीण फीडरों को सोलराइजेशन के लिए ठोस कदम उठाएगी।

नवीकरणीय ऊर्जा के साथ कृषि का भविष्य

PM‑KUSUM योजना सिर्फ बिजली उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। यह किसानों को स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग, लागत कम करने और आय बढ़ाने का अवसर भी देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना पूरे देश में समान रूप से लागू होती है, तो छोटे और मझौले किसानों की स्थिति में न केवल सुधार होगा, बल्कि भारत की ऊर्जा जरूरतें भी कुछ हद तक सौर ऊर्जा से पूरी की जा सकेंगी।

राजस्थान में इस योजना के सफल होने के बाद इसे अन्य कृषि प्रधान राज्यों में तेजी से लागू करने की संभावना भी है। इससे कृषि क्षेत्र में सस्टेनेबल ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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