गर्मी बढ़ते ही बिजली बिल आसमान छूने लगता है, लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं। घर के पुराने इनवर्टर को महज 500 रुपये खर्च कर सोलर सिस्टम से जोड़कर फ्री बिजली जनरेट करें। सूरज की किरणों से चार्ज होकर पंखे, कूलर और लाइटें घंटों चलेंगी, बिजली कटौती में भी राहत मिलेगी।

क्यों जरूरी है ये बदलाव?
बढ़ती बिजली दरों और कटौती से परेशान हर घर चाहता है सस्ता समाधान। पुराना इनवर्टर बेकार पड़ा है तो उसे सोलर मोड में कन्वर्ट करें। छोटा सोलर पैनल लगाकर रोज फ्री एनर्जी बनाएं, बिल में 70% तक कटौती संभव। ये तरीका ग्रामीण इलाकों के लिए बेस्ट है जहां बिजली कम आती है। पर्यावरण को भी बचाएं, कार्बन फ्री पावर से योगदान दें।
जरूरी सामान और लागत
कन्वर्जन के लिए कुछ बेसिक चीजें जुटाएं। 100-150 वाट सोलर पैनल 250-300 रुपये, एमपीपीटी चार्ज कंट्रोलर 100-150 रुपये, मोटे तार व कनेक्टर 50 रुपये। कुल मिलाकर 500 रुपये से काम चल जाएगा। लोकल इलेक्ट्रॉनिक मार्केट या ऑनलाइन से आसानी से मिल जाएंगे। बैटरी पुरानी ही यूज करें, नई लगाने की जरूरत नहीं।
ये है तरीका!
सबसे पहले सोलर पैनल को छत पर दक्षिण दिशा में फिक्स करें, 20-30 डिग्री एंगल पर। चार्ज कंट्रोलर के प्लस-माइनस टर्मिनल से पैनल जोड़ें। कंट्रोलर को इनवर्टर की बैटरी से कनेक्ट करें – रेड वायर प्लस पर, ब्लैक माइनस पर। इनवर्टर पहले जैसा ही बैटरी से चलेगा। धूप पड़ते ही बैटरी चार्ज होने लगेगी। टेस्टिंग के लिए पंखा चালाएं, 4-5 घंटे धूप में फुल बैटरी।
मिलने वाले फायदे
- लंबे समय तक बिजली बचत: सालाना 8-10 हजार रुपये की saving।
- कहीं भी इंस्टॉल: छोटे घर या गांव के लिए परफेक्ट।
- कम मेंटेनेंस: पैनल पर महीने में एक बार पानी डालें।
- स्केलेबल सिस्टम: बाद में पैनल बढ़ाकर फ्रिज भी चला सकते हैं।
ये बदलाव 10-15 साल चलेगा, निवेश जल्दी रिकवर हो जाएगा।
सावधानियां और टिप्स
शुरू में छोटे पैनल से टेस्ट करें, ओवरलोड न करें। तारों के जोड़ मजबूत रखें, शॉर्ट सर्किट से बचें। बारिश में पैनल को कवर करें। सरकारी सोलर सब्सिडी स्कीम चेक करें, अतिरिक्त मदद मिल सकती है। अगर तकनीकी दिक्कत हो तो लोकल इलेक्ट्रीशियन बुलाएं। इससे न सिर्फ बिल जीरो होगा, बल्कि एनर्जी इंडिपेंडेंट लाइफ जिएंगे।







