
वैश्विक टेक दिग्गज गूगल (Google) ने भारत के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है, कंपनी ने राजस्थान में 150 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना विकसित करने के लिए भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी रिन्यू (ReNew) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, यह परियोजना गूगल के 2030 तक अपनी पूरी वैल्यू चेन को कार्बन-मुक्त (Net Zero) बनाने के वैश्विक लक्ष्य का हिस्सा है।
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परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- बिजली उत्पादन: यह प्रोजेक्ट 2026 में चालू होने की उम्मीद है। चालू होने के बाद, इससे सालाना लगभग 4.25 लाख मेगावाट-घंटा (MWh) स्वच्छ बिजली पैदा होगी।
- लाभार्थी: अनुमान है कि इस परियोजना से उत्पन्न बिजली भारत के लगभग 3.6 लाख से अधिक घरों को रोशन करने के लिए पर्याप्त होगी।
- स्कोप 3 उत्सर्जन में कमी: इस समझौते के तहत, गूगल इस प्रोजेक्ट के ‘एनर्जी एट्रिब्यूट्स’ खरीदेगा, इससे कंपनी को अपने ‘स्कोप 3’ (आपूर्ति श्रृंखला और अन्य अप्रत्यक्ष गतिविधियों से होने वाले उत्सर्जन) को कम करने में मदद मिलेगी।
भारत के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को बल
यह साझेदारी भारत सरकार के 2030 तक 500 गीगावाट (GW) गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के अनुरूप है, रिन्यू के लिए भी यह एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे उसका वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) पोर्टफोलियो बढ़कर 2.7 गीगावाट हो गया है।
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पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
गूगल की जलवायु परिचालन निदेशक वृषाली गौड़ के अनुसार, यह समझौता उन उत्सर्जन क्षेत्रों को संबोधित करेगा जिन्हें सीधे तौर पर किसी एक सप्लायर से नहीं जोड़ा जा सकता है, यह परियोजना न केवल भारतीय ग्रिड में नई स्वच्छ ऊर्जा जोड़ेगी, बल्कि अन्य कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए भी ऊर्जा संक्रमण का एक सफल मॉडल पेश करेगी।
इससे पहले गूगल ने भारत में क्लीनमैक्स (CleanMax) के साथ भी 125.4 मेगावाट के हाइब्रिड प्रोजेक्ट (सौर और पवन) के लिए समझौता किया था, जो भारत में कंपनी की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।







