
गुजरात पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (GPCL) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में Renewable Energy सेक्टर में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹627.34 करोड़ की रिकॉर्ड आय (Revenue) दर्ज की है। यह आय पिछले वर्ष 2022-23 की ₹571.69 करोड़ की तुलना में कहीं अधिक है, जो दर्शाता है कि राज्य में सोलर एनर्जी (Solar Energy) की मांग और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। GPCL ने इस साल ₹163.70 करोड़ का मुनाफा (Profit) कमाया है, जो पिछले वर्ष के ₹155.67 करोड़ की तुलना में वृद्धि दर्शाता है।
GPCL राज्य सरकार की एक प्रमुख संस्था है जो गुजरात में नवीकरणीय ऊर्जा-Renewable Energy के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। हालिया रिपोर्ट दर्शाती है कि कंपनी द्वारा विकसित किए गए चार प्रमुख सोलर पार्क्स ने ही यह आय और मुनाफा सुनिश्चित किया है, जिससे गुजरात का Renewable Energy इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है।
गुजरात सोलर पार्क, चरंका: 730 मेगावाट की स्थापित क्षमता से हो रहा है उत्पादन
GPCL द्वारा स्थापित पहला प्रमुख प्रोजेक्ट गुजरात सोलर पार्क है, जो चरंका, बनासकांठा जिले में स्थित है। इस पार्क में 36 अलग-अलग डेवलपर्स ने मिलकर कुल 730 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की है। यह पार्क भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े सोलर क्लस्टर्स में गिना जाता है। यहां का संचालन और तकनीकी बुनियादी ढांचा GPCL के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है, जिससे यहां उत्पादन में निरंतरता और स्थिरता बनी रहती है।
धोलेरा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क: 1,000 मेगावाट में से 300 मेगावाट चालू
दूसरा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है धोलेरा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क। सरकार द्वारा अनुमोदित इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 1,000 मेगावाट है, जिसमें से अब तक 300 मेगावाट सौर उत्पादन चालू हो चुका है। यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से धोलेरा स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन (Dholera SIR) में स्थित है, जो कि भविष्य के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का केंद्र बिंदु है। इस पार्क की खास बात यह है कि इसमें आधुनिक तकनीक और हाई-एफिशिएंसी पैनल्स का उपयोग किया जा रहा है, जिससे उत्पादन लागत कम होती है और आउटपुट अधिक मिलता है।
राघनेस्दा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क: पूरी तरह से चालू 700 मेगावाट की परियोजना
तीसरा प्रमुख सोलर प्रोजेक्ट राघनेस्दा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क है, जो वाव तालुका, बनासकांठा जिले में स्थित है। यह पार्क पूरी तरह से 700 मेगावाट की क्षमता के साथ संचालित हो चुका है और पूर्ण उत्पादन दे रहा है। GPCL ने इस परियोजना को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया है। राघनेस्दा प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसमें ग्रिड कनेक्टिविटी और ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के लिए विशेष तकनीकों का समावेश किया गया है।
GPCL ने पूरी की अहम बुनियादी ढांचे की ज़रूरतें
इन सभी सोलर प्रोजेक्ट्स की सफलता का बड़ा श्रेय GPCL द्वारा उपलब्ध कराए गए बुनियादी ढांचे को जाता है। कंपनी ने न केवल भूमि अधिग्रहण, जल आपूर्ति, और ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की हैं, बल्कि सोलर डेवलपर्स को तकनीकी और प्रशासनिक सहायता भी प्रदान की है। इन प्रयासों से न केवल राज्य में Renewable Energy का उत्पादन बढ़ा है, बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिला है।
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गुजरात बना Renewable Energy का नया हब
GPCL की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि गुजरात Renewable Energy के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करने में गुजरात का यह योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार और GPCL का लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में सोलर और विंड एनर्जी का कुल उत्पादन दोगुना किया जाए, जिससे गुजरात न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भर बन सके, बल्कि ग्रीन एनर्जी के निर्यात में भी सक्षम हो।
नीति निर्माण और निवेश के लिए सकारात्मक संकेत
GPCL की बढ़ी हुई आय और मुनाफा उन निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत है जो Renewable Energy सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। इससे संकेत मिलता है कि नीति निर्धारण, परियोजना क्रियान्वयन और व्यावसायिक संभावनाओं में स्थिरता और लाभ है। यह विकास सरकार की ग्रीन पॉलिसी और क्लाइमेट चेंज मिशन के तहत आने वाले वर्षों में और भी तेज़ी से आगे बढ़ सकता है।