इन्वर्टर बैटरी की Ah रेटिंग और Load के अनुसार Backup Time कैसे तय करें?

इन्वर्टर बैटरी लेते समय सिर्फ Ah रेटिंग देखकर फैसला लेना पड़ सकता है भारी! जानिए कैसे वोल्टेज, लोड और दक्षता के साथ करें सही बैकअप टाइम की गणना पढ़ें पूरी रिपोर्ट!

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Written by Rohit Kumar

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इन्वर्टर बैटरी की Ah रेटिंग और Load के अनुसार Backup Time कैसे तय करें?
इन्वर्टर बैटरी की Ah रेटिंग और Load के अनुसार Backup Time कैसे तय करें?

घरों, दुकानों और ऑफिस में बिजली की कटौती से निपटने के लिए इन्वर्टर बैटरी का इस्तेमाल आज बेहद आम हो गया है। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि उनकी बैटरी कितनी देर तक बैकअप दे सकती है। इस लेख में हम विस्तार से बताएंगे कि इन्वर्टर बैटरी का बैकअप टाइम कैसे तय किया जाता है, खासकर जब आपके पास उसकी एम्पीयर-घंटा (Ah) रेटिंग, वोल्टेज और लोड की जानकारी हो।

इन्वर्टर और बैटरी की खरीदारी से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि आपका सिस्टम कितना समय तक बिजली के बिना भी लाइट, पंखा, टीवी या अन्य जरूरी उपकरणों को चला सकेगा

बैकअप समय निकालने का सही गणितीय फॉर्मूला

इन्वर्टर बैटरी के बैकअप समय की गणना के लिए एक आसान लेकिन प्रभावी फॉर्मूला है, जिसे बैटरी की क्षमता, वोल्टेज, दक्षता और कुल लोड के आधार पर इस्तेमाल किया जाता है।

फॉर्मूला:

बैकअप समय (घंटों में) = (बैटरी क्षमता (Ah) × बैटरी वोल्टेज (V) × बैटरी दक्षता) / कुल लोड (वाट में)

इस फॉर्मूले के ज़रिए आप बड़ी सटीकता से जान सकते हैं कि आपकी बैटरी कितनी देर तक काम करेगी।

इन चार चीज़ों को समझना जरूरी है

बैटरी क्षमता (Ah): यह दर्शाता है कि बैटरी एक घंटे में कितनी करेंट (एम्पीयर) सप्लाई कर सकती है। जितनी ज़्यादा Ah रेटिंग होगी, उतनी ज़्यादा देर तक बैटरी लोड संभाल सकती है।

बैटरी वोल्टेज (V): आमतौर पर घरेलू इन्वर्टर बैटरी 12V या 24V की होती है। यह वोल्टेज बैटरी के आउटपुट की ताकत को दर्शाता है।

बैटरी दक्षता: इन्वर्टर और बैटरी की संयुक्त दक्षता को दशमलव में लिखा जाता है, जैसे कि 90% दक्षता के लिए 0.9 लिया जाता है।

कुल लोड (वाट में): आपके द्वारा इन्वर्टर से जोड़े गए पंखे, लाइट, टीवी जैसे सभी उपकरणों की कुल विद्युत खपत।

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चलिए एक उदाहरण से इसे बेहतर समझते हैं

मान लीजिए आपके पास एक 150Ah की बैटरी है जिसका वोल्टेज 12V है और आप अपने इन्वर्टर से 400 वॉट का लोड चला रहे हैं। आपकी बैटरी और इन्वर्टर की संयुक्त दक्षता 90% (यानि 0.9) है। अब बैकअप समय निकालने के लिए उपरोक्त फॉर्मूला लागू करें:

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बैकअप समय = (150 Ah × 12 V × 0.9) / 400 W

बैकअप समय = 1620 / 400

बैकअप समय = 4.05 घंटे

यानि इस सेटअप में आपकी बैटरी लगभग 4 घंटे और 3 मिनट तक लगातार 400 वॉट के लोड को सपोर्ट कर सकती है।

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क्यों जरूरी है सही लोड का आकलन?

अधिकतर लोग इन्वर्टर बैकअप को लेकर भ्रम में रहते हैं क्योंकि वे अपने घर के लोड का सही अनुमान नहीं लगाते। यह बहुत जरूरी है कि आप हर डिवाइस की वॉट रेटिंग देखें और उन्हें जोड़ें। उदाहरण के लिए, अगर एक पंखा 80 वॉट का है और एक एलईडी बल्ब 10 वॉट का, तो तीन पंखे और 4 बल्ब मिलाकर लोड होगा: (3×80) + (4×10) = 240 + 40 = 280 वॉट

अगर आपने सही लोड का आकलन नहीं किया, तो या तो बैटरी जल्दी खत्म हो जाएगी या फिर आपने जरूरत से बड़ी और महंगी बैटरी खरीद ली होगी।

बैटरी और इन्वर्टर की दक्षता कितना असर डालती है?

सिर्फ बैटरी की क्षमता जानना काफी नहीं है। हर बैटरी और इन्वर्टर में कुछ ऊर्जा लॉस होती है। आमतौर पर इनकी संयुक्त दक्षता 80% से 90% के बीच होती है। अगर आप ज्यादा दक्षता वाला सिस्टम चुनते हैं, तो बैटरी का बैकअप टाइम भी बेहतर मिलेगा। यही कारण है कि Renewable Energy के क्षेत्र में भी उच्च दक्षता वाले इन्वर्टर की मांग तेजी से बढ़ रही है।

अन्य कारक जो बैकअप समय को प्रभावित करते हैं

आपके इन्वर्टर सिस्टम का प्रदर्शन सिर्फ गणित पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसके और भी कई व्यावहारिक पक्ष होते हैं।

बैटरी की आयु अगर ज्यादा हो गई है तो उसकी क्षमता कम हो जाती है और बैकअप टाइम घटने लगता है। इसी तरह तापमान का असर भी पड़ता है – ज्यादा गर्म या ज्यादा ठंडा वातावरण बैटरी के प्रदर्शन को प्रभावित करता है। रखरखाव यानी बैटरी की सफाई, समय-समय पर वॉटर लेवल चेक करना, भी इसके जीवन और बैकअप को बेहतर बनाए रखता है।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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