Solar Energy India: भारत का सोलर सेक्टर 100 GW की क्षमता के साथ रिकॉर्ड स्तर पर, जानें विस्तार से

भारत ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक नई ऊँचाई छू ली है, 100 GW की स्थापित क्षमता के साथ। जानिए कैसे बढ़ी हुई क्षमता और आत्मनिर्भरता भारत को स्वच्छ ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में ले जा रही है।

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Written by Rohit Kumar

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Solar Energy India: भारत का सोलर सेक्टर 100 GW की क्षमता के साथ रिकॉर्ड स्तर पर, जानें विस्तार से
Solar Energy India: भारत का सोलर सेक्टर 100 GW की क्षमता के साथ रिकॉर्ड स्तर पर, जानें विस्तार से

भारत का सौर ऊर्जा क्षेत्र पिछले एक दशक में अविश्वसनीय गति से बढ़ा है और अब देश के कुल नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) पोर्टफोलियो का 60% से अधिक हिस्सा सौर ऊर्जा से आता है। FY2024 के दौरान भारत ने 24.5 GW सौर क्षमता जोड़ी, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से अधिक है। यह उपलब्धि भारत को दुनिया के प्रमुख सौर ऊर्जा उत्पादकों में से एक बना रही है। रुबिक्स डेटा साइंसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सौर ऊर्जा क्षमता ने पिछले दशक में 38 प्रतिशत की प्रभावशाली वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) हासिल की है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करता है।

सौर ऊर्जा क्षेत्र में इस असाधारण वृद्धि का मुख्य कारण सरकार द्वारा दिए गए प्रोत्साहन और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के प्रति बढ़ती वैश्विक मांग है। सौर ऊर्जा के विस्तार ने भारत को दुनिया के प्रमुख सौर उत्पादक देशों की सूची में शामिल कर लिया है। यह न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में यह वृद्धि इस बात को स्पष्ट करती है कि देश अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

चीन से आयात में गिरावट और आत्मनिर्भरता की ओर कदम

रिपोर्ट में आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए सुधारों पर भी प्रकाश डाला गया है। FY2022 में भारत सौर मॉड्यूल का 90 प्रतिशत चीन से आयात करता था, लेकिन यह आंकड़ा FY2024 में घटकर 65 प्रतिशत हो गया है। इस दौरान, भारत ने स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा, भारत के सौर मॉड्यूल निर्यात में भी भारी वृद्धि देखने को मिली है, जो FY2024 में लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्षों से 23 गुना अधिक है।

यह बदलाव भारत के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि यह न केवल देश के सौर ऊर्जा क्षेत्र के आत्मनिर्भर बनने की ओर संकेत करता है, बल्कि इसके द्वारा वैश्विक बाजार में भी भारत की उपस्थिति को मजबूती मिली है। भारत का यह प्रयास सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी वैश्विक प्रभावशीलता को बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू उद्योग के लिए भी अवसरों का सृजन कर रहा है।

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वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत का बढ़ता प्रभाव

भारत का सौर ऊर्जा क्षेत्र न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सौर ऊर्जा की बढ़ती मांग और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, भारत ने अपने सौर उत्पादन को कई गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारतीय सौर ऊर्जा क्षेत्र को लगातार बढ़ते सरकारी समर्थन, विदेशी निवेश और तकनीकी प्रगति से भी बढ़ावा मिल रहा है।

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भारत सरकार की नीतियाँ और योजनाएँ, जैसे कि सौर पार्कों का विकास, सौर उपकरणों पर शुल्क में छूट, और अन्य प्रोत्साहन, सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने में सहायक रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, भारत न केवल अपने घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में भी उभर रहा है।

भारत के लिए आगे के अवसर

भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में तेजी से हो रही वृद्धि और देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता यह संकेत देती है कि भविष्य में इस क्षेत्र में और भी बड़े अवसर होंगे। भारत में सौर ऊर्जा का भविष्य उज्जवल दिखाई देता है, और इसके विकास से जुड़े कई नये निवेश, प्रौद्योगिकी, और शोध के अवसर सामने आ रहे हैं।

रुबिक्स डेटा साइंसेज के सह-संस्थापक और सीईओ मोहन रामास्वामी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “सौर ऊर्जा में भारत की प्रगति अत्यधिक सराहनीय है। हम अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं और स्वच्छ, टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उद्योग के सभी हिस्सों में तेजी से हो रहे बदलावों और नवाचारों से भारत पहले से ही वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा नेता बनने के रास्ते पर है।”

नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का योगदान

भारत का सौर ऊर्जा क्षेत्र न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। सरकार द्वारा किए गए प्रयासों और विदेशी निवेशों के साथ, भारत अपने महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह क्षेत्र भविष्य में और भी अधिक निवेश और विकास की संभावना प्रदान करता है।

भारत का सौर ऊर्जा क्षेत्र अब एक नई दिशा में अग्रसर है, और इसके द्वारा न केवल पर्यावरण को बचाया जा रहा है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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