
इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) के शेयरों में बीते तीन कारोबारी सत्रों से लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। आज, 25 मार्च 2025 को कंपनी के शेयरों में 3.96% की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह ₹176.77 प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गए। तीन दिनों की इस रैली में IREDA के स्टॉक ने कुल 14.5% की उछाल हासिल की है, जिसने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर से Renewable Energy सेक्टर की ओर खींचा है।
बोर्ड बैठक से पहले बढ़ा निवेशकों का भरोसा
IREDA के शेयरों में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह आज होने वाली कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी की उधारी योजना (Borrowing Plan) पर विचार-विमर्श किया जाना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की संभावित उधारी योजना से भविष्य में पूंजी प्रवाह बेहतर होगा, जिससे कंपनी के संचालन और प्रोजेक्ट फंडिंग में मजबूती आएगी।
बाजार में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि IREDA बोर्ड इस मीटिंग में कुछ नई रणनीतियों पर भी चर्चा कर सकता है, जो आने वाले महीनों में कंपनी के ग्रोथ ट्रैक को और गति दे सकती हैं। इससे पहले भी कंपनी ने जब-जब अपनी फंडिंग और निवेश योजनाओं से संबंधित बड़े निर्णय लिए हैं, तब-तब शेयर बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
परपेचुअल बॉन्ड से जुटाए ₹1,247 करोड़, बढ़ेगा टियर-I पूंजी आधार
IREDA ने हाल ही में अपने पहले परपेचुअल बॉन्ड (Perpetual Bond) की घोषणा की थी, जिसकी कूपन दर 8.40% सालाना रखी गई थी। इस बॉन्ड इश्यू के जरिए कंपनी ने 1,247 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। यह कदम न केवल कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि इसके टियर-I पूंजी आधार (Tier-I Capital Base) को भी विस्तार देगा।
परपेचुअल बॉन्ड की खास बात यह होती है कि इनमें कोई तय परिपक्वता अवधि नहीं होती, जिससे कंपनी को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता मिलती है। साथ ही, यह बॉन्ड निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का वादा करते हैं, जिससे उनका भरोसा कंपनी पर और बढ़ता है।
IREDA ने यह पूंजी खासतौर पर देश के ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (Green Energy Infrastructure) को विस्तार देने के लिए जुटाई है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि कंपनी आने वाले समय में Renewable Energy क्षेत्र में बड़े निवेश और परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रही है।
तेजी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद
वर्तमान में जिस तरह की गतिविधियां IREDA में देखने को मिल रही हैं, उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी की रणनीतिक योजनाएं और बाजार की प्रतिक्रिया सकारात्मक दिशा में जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि बोर्ड बैठक में किसी प्रकार की उधारी से जुड़ी बड़ी घोषणा होती है, तो IREDA के शेयरों में यह तेजी और भी लंबे समय तक जारी रह सकती है।
साथ ही, जिस प्रकार कंपनी ने बॉन्ड इश्यू से भारी फंडिंग हासिल की है और उसे ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश करने की योजना बनाई है, उससे यह स्पष्ट है कि IREDA आने वाले वर्षों में Renewable Energy फाइनेंसिंग की बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।
निवेशक भी अब IREDA को एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक ग्रोथ स्टोरी के रूप में देखने लगे हैं, खासकर जब देश और दुनिया में क्लीन एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
IREDA की भूमिका और भविष्य की दिशा
IREDA, जो कि भारत सरकार के अधीन कार्यरत एक सार्वजनिक वित्तीय संस्था है, लंबे समय से Renewable Energy परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती रही है। कंपनी का उद्देश्य देश में सस्टेनेबल एनर्जी की वृद्धि को बढ़ावा देना है।
हाल के घटनाक्रमों से यह स्पष्ट है कि IREDA सिर्फ एक लोन डिस्बर्सिंग एजेंसी भर नहीं रह गई है, बल्कि अब यह एक रणनीतिक फाइनेंसर के रूप में उभर रही है, जो ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पूंजी उपलब्ध करा रही है।
कंपनी की मौजूदा और प्रस्तावित योजनाएं यह दर्शाती हैं कि वह आने वाले समय में देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करने में एक केंद्रीय भूमिका निभाने वाली है।