
फिरोजाबाद। अब किसानों को अपनी फसलों को कीट पतंगों से बचाने के लिए रासायनिक दवाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कृषि विभाग ने सोलर लाइट ट्रैप (Solar Light Trap) योजना शुरू की है, जो किसानों को पर्यावरण-सुरक्षित और लागत-कुशल तरीके से फसल सुरक्षा प्रदान करेगी। इस योजना के अंतर्गत, कीट पतंगे अपने आप नष्ट हो जाएंगे, जिससे किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन में सुधार आएगा।
कीट पतंगे: फसलों के लिए सबसे बड़ा खतरा
किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या कीट पतंगे (Insect Pests) हैं, जो खासकर फसल में फूल आने पर सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं। ये कीट फूल और पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर पैदावार को घटा देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अब तक किसान इनसे बचाव के लिए रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ती थी और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था।
रासायनिक कीटनाशक: स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव
अधिक मात्रा में रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है और मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। यही कारण है कि सरकार ने कीट रोग नियंत्रण योजना (Pest Disease Control Scheme) के तहत सोलर लाइट ट्रैप को अपनाने की दिशा में कदम उठाया है। यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि किसानों की लागत भी कम करता है।
सोलर लाइट ट्रैप कैसे काम करता है
कृषि रक्षा अधिकारी सुमित चौहान के अनुसार, यह सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक (Automatic System) है।
- दिन में यह सूरज की रोशनी से चार्ज होता है।
- रात होते ही इसकी लाइट चालू हो जाती है।
- कीट पतंगे रोशनी की ओर आकर्षित होकर ट्रैप के पास आते हैं और नीचे गिरकर मर जाते हैं।
इस प्रकार, फसलों को बिना किसी रासायनिक दवा के सुरक्षित रखा जा सकता है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ और लागत में कमी
सोलर लाइट ट्रैप (Solar Light Trap) के इस्तेमाल से किसानों को बार-बार कीटनाशक छिड़काव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनकी खेती की लागत घटेगी और पर्यावरण (Environment) सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा, उच्च गुणवत्ता वाली फसल के मिलने से किसानों की आमदनी बढ़ने की संभावना भी है।
योजना का वितरण: पहले आओ, पहले पाओ
कृषि विभाग ने फिरोजाबाद जिले के लिए 1800 सोलर लाइट ट्रैप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। यह पहले आओ, पहले पाओ (First Come, First Serve) आधार पर वितरित किया जाएगा। इच्छुक किसान कृषि विभाग से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
कीमत और सब्सिडी: किसानों के लिए किफायती
- सोलर लाइट ट्रैप की कुल कीमत: 635 रुपये
- सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी: 431 रुपये
- किसानों के लिए भुगतान राशि: केवल 204 रुपये
यह योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होने वाली है और आने वाले समय में फसल सुरक्षा का एक मजबूत साधन बनेगी।
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर लाइट ट्रैप जैसी तकनीक से किसान केवल कीट पतंगों से नहीं बल्कि रासायनिक दवाओं के अत्यधिक प्रयोग से भी बचेंगे। यह रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) तकनीक पर आधारित है और कृषि को स्मार्ट एवं सतत (Sustainable) बनाने में मदद करेगी।
भविष्य की दिशा
सोलर लाइट ट्रैप योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि कृषि और पर्यावरण संरक्षण (Agro & Environmental Protection) दोनों को संतुलित रखेगी। यदि यह योजना सफल होती है, तो आगे इसे अन्य जिलों और राज्यों में भी विस्तार दिया जा सकता है।







