
अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में पंजाब ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, लुधियाना जिले का घुडाणी कलां (Ghudani Kalan) गांव आधिकारिक तौर पर जिले का पहला ‘मॉडल सोलर विलेज’ घोषित किया गया है, केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आयोजित जिला-स्तरीय प्रतियोगिता में इस गांव ने बाजी मारी है।
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प्रतियोगिता में रहा अव्वल
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतियोगिता मार्च से सितंबर 2025 के बीच आयोजित की गई थी, इसमें लुधियाना जिले के कुल 11 गांवों ने हिस्सा लिया था, मूल्यांकन के आधार पर घुडाणी कलां ने सबसे अधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया, इस गांव ने न केवल सौर ऊर्जा को अपनाया, बल्कि लगभग 216 किलोवाट (kW) बिजली का उत्पादन कर उसे सीधे ग्रिड में सप्लाई किया, जो प्रतियोगिता में शामिल अन्य गांवों की तुलना में सर्वाधिक था।
मिलेगी 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
मॉडल सोलर विलेज बनने के पुरस्कार स्वरूप घुडाणी कलां को केंद्र सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान (Grant) प्रदान किया जाएगा, इस राशि का उपयोग गांव के कायाकल्प के लिए किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य शामिल होंगे:
- सार्वजनिक स्थानों पर और अधिक सोलर पैनल लगाना।
- गांव की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित करना।
- स्वच्छता और जल प्रबंधन की सुविधाओं को बेहतर बनाना।
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पंचायतों की आय में होगा इजाफा
इस योजना का उद्देश्य गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, प्रशासन की योजना है कि गांव की शामलात (साझा) भूमि पर बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plants) लगाए जाएं, इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि लीज रेंट या बिजली की बिक्री के माध्यम से ग्राम पंचायतों की आय में भी भारी बढ़ोतरी होगी।
ग्रामीणों में उत्साह
घुडाणी कलां की इस सफलता ने अन्य गांवों के लिए भी एक मिसाल पेश की है, ग्रामीणों ने इस उपलब्धि का श्रेय सामूहिक प्रयास और सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana को दिया है, जिले के अन्य गांवों को भी अब इसी तर्ज पर सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि लुधियाना को ‘ग्रीन सिटी’ के साथ-साथ ‘ग्रीन डिस्ट्रिक्ट’ बनाया जा सके।







