MPPT vs PWM Charge Controller: किसमें ज्यादा पावर बचत, कौन है आपके Solar System के लिए बेस्ट?

चार्ज कंट्रोलर सोलर सिस्टम का मस्तिष्क है, जो बैटरी को सुरक्षा और दक्षता दोनों देता है। PWM जहां कम लागत और सरलता के लिए जाना जाता है, वहीं MPPT आपको उन्नत पावर मैनेजमेंट और ज्यादा ऊर्जा दिलवाने का भरोसा देता है। दोनों की भूमिका परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार महत्वपूर्ण है।

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Written by Rohit Kumar

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MPPT vs PWM Charge Controller: किसमें ज्यादा पावर बचत, कौन है आपके Solar System के लिए बेस्ट?
MPPT vs PWM Charge Controller

सोलर पावर सिस्टम में चार्ज कंट्रोलर की भूमिका उतनी ही अहम होती है जितनी किसी मानव शरीर में हृदय की। यह डिवाइस सोलर पैनल और बैटरी के बीच एक पुल का काम करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बैटरी ना तो ओवरचार्ज हो और ना ही अत्यधिक डिस्चार्ज। इस लेख में हम दो प्रमुख प्रकार के चार्ज कंट्रोलर — PWM (Pulse Width Modulation) और MPPT (Maximum Power Point Tracking) — के बीच विस्तार से तुलना करेंगे, ताकि आप अपने सिस्टम के लिए सही विकल्प चुन सकें।

PWM चार्ज कंट्रोलर

PWM चार्ज कंट्रोलर का कामकाज एक स्विच की तरह होता है। जब बैटरी पूरी तरह चार्ज होने लगती है, तो यह धीरे-धीरे सौर ऊर्जा के प्रवाह को सीमित करता है। इसकी डिज़ाइन सरल और लागत कम होने के कारण यह छोटे और सीमित बजट वाले सोलर सिस्टम के लिए एक विश्वसनीय विकल्प है।

इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी विश्वसनीयता और कम कीमत। ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे ऑफ-ग्रिड सिस्टम जैसे कि लाइटिंग या बेसिक चार्जिंग के लिए यह एक आदर्श विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसकी दक्षता 70% से 80% के बीच होती है, और यह ठंडे मौसम या बदलती जलवायु में अपनी पूर्ण क्षमता पर प्रदर्शन नहीं कर पाता।

PWM का एक और बड़ा प्रतिबंध है कि यह उच्च-वोल्टेज सोलर पैनल्स के साथ कार्य नहीं कर पाता। इस कारण, यदि आप भविष्य में अपने सिस्टम को अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, तो यह विकल्प थोड़ी सीमित संभावनाएं प्रदान करता है।

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MPPT चार्ज कंट्रोलर: स्मार्ट टेक्नोलॉजी का कमाल

MPPT चार्ज कंट्रोलर तकनीकी रूप से एक उन्नत विकल्प है जो लगातार Maximum Power Point को ट्रैक करता है और उसी अनुसार पावर को बैटरी के वोल्टेज में कन्वर्ट करता है। यह तकनीक यह सुनिश्चित करती है कि आपकी बैटरी को हर संभव सौर ऊर्जा मिले, विशेषकर उस समय जब तापमान कम हो और पैनल्स की परफॉर्मेंस ज्यादा हो।

इसकी दक्षता 95% से 98% तक हो सकती है, और यह उच्च-वोल्टेज पैनल्स के साथ भी शानदार प्रदर्शन करता है। यदि आपका सिस्टम 1kW या उससे बड़ा है, या आप Hybrid या Grid-Tied Solar Systems का हिस्सा हैं, तो MPPT आपके लिए एक लंबी अवधि में मूल्यवर्धक निवेश साबित हो सकता है।

हालांकि MPPT की लागत ज्यादा होती है, परन्तु इसकी उच्च दक्षता के चलते लंबे समय में यह अतिरिक्त लागत वसूल हो जाती है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने सिस्टम से अधिकतम आउटपुट चाहते हैं, और पर्यावरण की बदलती स्थितियों के अनुसार सिस्टम को ढालना चाहते हैं।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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