NHPC ने राजस्थान के 300MW सोलर प्रोजेक्ट का एक हिस्सा किया चालू – शेयरों पर बनी रहेगी नजर

NHPC ने अपने 300 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट में से सिर्फ 107.14 मेगावाट शुरू किया है। जानिए क्यों बाकी क्षमता अभी चालू नहीं हुई, इस प्रोजेक्ट से क्या होगा भारत को फायदा, और कब पूरा होगा प्लांट! रिन्यूएबल एनर्जी में NHPC की ये बड़ी छलांग कैसे बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीर?

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Written by Rohit Kumar

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NHPC ने राजस्थान के 300MW सोलर प्रोजेक्ट का एक हिस्सा किया चालू – शेयरों पर बनी रहेगी नजर
NHPC ने राजस्थान के 300MW सोलर प्रोजेक्ट का एक हिस्सा किया चालू – शेयरों पर बनी रहेगी नजर

भारत की सरकारी हाइड्रोपावर कंपनी NHPC Ltd ने राजस्थान के बीकानेर जिले के कर्नीसार गांव में अपने 300 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट-Solar Energy Project का आंशिक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिया है। कंपनी ने 107.14 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट 12 अप्रैल 2025 से व्यावसायिक उत्पादन के लिए चालू किया है।

NHPC की यह परियोजना भारत सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy को लेकर प्रतिबद्धता का हिस्सा है और यह कंपनी की रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह अपनी परंपरागत जलविद्युत-Hydro Power क्षमताओं के साथ-साथ सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार की योजना पर काम कर रही है।

अप्रैल 10 को हुआ सफल ट्रायल रन, दो दिन बाद कमर्शियल ऑपरेशन

NHPC द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कर्नीसार सोलर प्रोजेक्ट की 107.14 मेगावाट क्षमता को 10 अप्रैल 2025 को सफल ट्रायल रन के बाद 12 अप्रैल से आधिकारिक तौर पर चालू कर दिया गया। यह प्रोजेक्ट राजस्थान के बीकानेर क्षेत्र में स्थित है, जो देश में सबसे अधिक सौर ऊर्जा संभावनाओं वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है।

इस परियोजना के तहत कुल 300 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की योजना है, जिसमें से फिलहाल केवल एक-तिहाई क्षमता चालू की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि शेष 193 मेगावाट की क्षमता के कमर्शियल ऑपरेशन की तारीखों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।

भारत के रिन्यूएबल एनर्जी मिशन को मिलेगा बल

कर्नीसार सोलर प्रोजेक्ट केवल NHPC के लिए ही नहीं, बल्कि भारत सरकार के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों-Clean Energy Targets की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रोजेक्ट न केवल देश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान देगा, बल्कि बीकानेर क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।

सरकारी और निजी क्षेत्रों के बीच Renewable Energy को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रुचि के बीच NHPC का यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में उसके परिवर्तन को दर्शाता है। अब तक जलविद्युत परियोजनाओं के लिए जानी जाने वाली NHPC अब सौर और पवन ऊर्जा जैसे हरित स्रोतों की दिशा में अपने कदम बढ़ा रही है।

शेयर बाजार में NHPC का प्रदर्शन

इस खबर के आने के दिन यानी शुक्रवार को NHPC Ltd के शेयर बीएसई-BSE पर ₹84.19 पर बंद हुए, जो पिछले दिन की तुलना में 0.20% की गिरावट को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों की निगाहें अब शेष 193 मेगावाट की क्षमता के चालू होने की समयसीमा पर टिकी हुई हैं।

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SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) के तहत यह सूचना शेयर बाजार को उपलब्ध कराई गई है। NHPC वर्ष 2022 से ही इस परियोजना की प्रगति को लेकर नियमित अपडेट देता आ रहा है।

NHPC की Renewable Energy में विस्तार रणनीति

NHPC की रणनीति अब केवल जलविद्युत परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। कंपनी ने विगत वर्षों में Renewable Energy के क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता दी है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा दोनों शामिल हैं। राजस्थान के इस प्रोजेक्ट को कंपनी की हरित ऊर्जा यात्रा की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

यह भी उल्लेखनीय है कि NHPC जैसे सार्वजनिक उपक्रम का इस दिशा में सक्रिय होना अन्य सरकारी और निजी कंपनियों को भी प्रेरित करता है कि वे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम बढ़ाएं और भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाएं।

बीकानेर क्षेत्र के लिए संभावनाओं का द्वार

NHPC का कर्नीसार प्रोजेक्ट न केवल राष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति के लिए अहम है, बल्कि यह बीकानेर जैसे अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्र के लिए आर्थिक अवसरों का नया द्वार खोलता है। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय बुनियादी ढांचे का विकास भी होगा।

राजस्थान की भूमि सौर ऊर्जा के लिए अत्यधिक अनुकूल मानी जाती है, और इस प्रोजेक्ट से यह साबित होता है कि देश की ऊर्जा नीति अब क्षेत्रीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में बढ़ रही है।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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