PM Surya Ghar Yojana: अब तक 10 लाख घरों में लगे सोलर पैनल, जानें सरकार का नया टारगेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूर्य घर योजना ने 10 लाख घरों को सौर ऊर्जा से सशक्त किया। जानिए इस योजना के प्रभाव, फायदे और लक्ष्य के बारे में, और कैसे यह भारत की ऊर्जा भविष्य को बदल रहा है!

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Written by Rohit Kumar

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PM Surya Ghar Yojana: अब तक 10 लाख घरों में लगे सोलर पैनल, जानें सरकार का नया टारगेट
PM Surya Ghar Yojana: अब तक 10 लाख घरों में लगे सोलर पैनल, जानें सरकार का नया टारगेट

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत, रूफटॉप सोलर पैनल इंस्टॉलेशन का आंकड़ा 10 लाख को पार कर चुका है। यह योजना भारत के सबसे बड़े डोमेस्टिक रूफटॉप सोलर इनिशिएटिव्स में से एक है। इसके तहत, घरों के छतों पर सोलर पैनल इंस्टॉल किए जाते हैं, ताकि उन्हें सस्ते और सस्टेनेबल बिजली मिल सके। अब तक, 10 लाख से ज्यादा घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, और इस आंकड़े के पार होने के बाद अब योजना को और तेजी से बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फरवरी 2024 में 75,021 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू की गई यह पहल, 2027 तक एक करोड़ घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सस्ते और प्रदूषण मुक्त सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना है, ताकि देश में बिजली के संकट को कम किया जा सके और रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग बढ़े।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने एक पोस्ट में कहा, “भारत ने सोलर एनर्जी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने 10 लाख घरों को सौर ऊर्जा से सशक्त बनाया है। यह योजना भारत में सस्टेनेबिलिटी, अफॉर्डिबिलिटी और आत्मनिर्भरता का एक नया युग लेकर आई है।”

योजना का उद्देश्य और महत्व

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा के माध्यम से घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना के तहत, सोलर पैनल छतों पर इंस्टॉल किए जाते हैं, जिससे घरों को बिजली के बिल से राहत मिलती है और साथ ही पर्यावरण को भी लाभ पहुंचता है। इसमें कोई भी घर लाभार्थी बन सकता है, और सरकार ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण से भी आकर्षक बनाया है।

मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (MNRE) के अनुसार, मार्च 2025 तक देशभर में 10.09 लाख सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा, इस योजना के तहत 47.3 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6.13 लाख लाभार्थियों को अब तक 4,770 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है। यह योजना न सिर्फ बिजली के संकट को हल करने में मदद कर रही है, बल्कि यह देश में रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है।

योजना का प्रभाव और भविष्य

यह योजना न केवल घरों में सोलर पैनल लगाने में मदद कर रही है, बल्कि इससे देश के सोलर एनर्जी उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है। अब तक 3 गीगावाट से अधिक की रूफटॉप सोलर कैपेसिटी इंस्टॉल की जा चुकी है, जिससे इन्वर्टर और बैलेंस ऑफ प्लांट (BoP) कंपोनेंट के लोकल प्रोडक्शन को भी बढ़ावा मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अक्टूबर 2025 तक 20 लाख घरों को सोलर ऊर्जा से जोड़ दिया जाए, जिससे इस योजना को और भी तेज़ी से विस्तार दिया जा सके।

भारत की सौर ऊर्जा नीति में यह योजना एक अहम कदम है। इससे न केवल बिजली का संकट कम होगा, बल्कि प्रदूषण भी घटेगा और देश की ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। इस योजना के जरिए, भारत वैश्विक सौर ऊर्जा मार्केट में एक अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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योजना के फायदे

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से कई लाभ मिल रहे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे घरों को सस्ती और सस्टेनेबल बिजली मिल रही है, जिससे उनका बिजली बिल कम हो रहा है। इसके अलावा, यह योजना पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का उपयोग करती है। इसके साथ ही, यह योजना भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मजबूती प्रदान कर रही है, और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से ऊर्जा की बचत भी होती है और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति की समस्या से भी निजात मिलती है। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जहां बिजली की आपूर्ति अक्सर अस्थिर रहती है। इसके अलावा, इस योजना के जरिए, सोलर पैनल निर्माण और इंस्टॉलेशन में स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

लक्ष्य और योजनाओं का विस्तार

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का मुख्य लक्ष्य है कि 2027 तक एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित किया जाए। यह लक्ष्य पूरे देश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रखा गया है। इसके साथ ही, सरकार इस योजना का विस्तार करते हुए, और अधिक घरों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए काम कर रही है।

इस योजना के तहत सरकार ने ग्रामीण इलाकों में विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है, ताकि हर वर्ग को इस योजना का फायदा मिल सके। इसके साथ ही, सरकार की योजना है कि इस प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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