PM Surya Ghar Yojana में बड़ा बदलाव! अब इन उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा आवेदन शुल्क और मीटर चार्ज

सरकार की नई घोषणा से सौर ऊर्जा अपनाना अब पहले से कहीं आसान हो गया है। न आवेदन शुल्क, न मीटर चार्ज, और न ही रखरखाव का खर्च! जानिए इस योजना के हर उस बदलाव को जो आपके बिजली बिल को कर देगा हमेशा के लिए अलविदा।

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Written by Rohit Kumar

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PM Surya Ghar Yojana में बड़ा बदलाव! अब इन उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा आवेदन शुल्क और मीटर चार्ज
PM Surya Ghar Yojana में बड़ा बदलाव! अब इन उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा आवेदन शुल्क और मीटर चार्ज

सरकार द्वारा PM Surya Ghar Bijli Yojana में किए गए हालिया बदलावों से अब उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलने जा रही है। Rajasthan Electricity Regulatory Commission (RERC) द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब इस योजना के अंतर्गत solar panel लगवाने वाले उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क, अमानत राशि या मीटर चार्ज नहीं देना होगा। यह निर्णय Renewable Energy को बढ़ावा देने और आम जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

अब प्रक्रिया हुई आसान, उपभोक्ताओं को नहीं उठाना पड़ेगा आर्थिक बोझ

अब तक इस योजना में भाग लेने वाले उपभोक्ताओं को आवेदन करते समय कई चरणों में शुल्क देना पड़ता था, जिसमें आवेदन शुल्क, सुरक्षा जमा और मीटर चार्ज शामिल थे। लेकिन RERC के नए आदेशों के बाद ये सभी शुल्क अब पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं। साथ ही, कनेक्शन शुल्क भी अब एकमुश्त न लेकर धीरे-धीरे बिजली बिल में जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं पर तत्काल वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

Rooftop Solar लगवाने वालों को मिलेगी बड़ी सब्सिडी और बैंक लोन

सरकार के इस कदम से solar energy को घर-घर तक पहुंचाने में तेजी आएगी। इस योजना के अंतर्गत यदि कोई उपभोक्ता तीन किलोवॉट तक का सोलर सिस्टम लगवाता है तो उसे लगभग ₹78,000 की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा अग्रणी बैंक इस परियोजना के लिए केवल 7% ब्याज दर पर ऋण दे रहे हैं, जिससे आम जनता को इस योजना में भाग लेना और भी सरल हो गया है।

लागत होगी रिकवर, मिलेगी मुफ्त बिजली

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत लगाए गए सोलर प्लांट की कुल लागत 3 से 4 साल में उपभोक्ता द्वारा वसूल ली जाएगी। इसके बाद उपभोक्ता को मुफ्त बिजली मिलने लगेगी। यह योजना न सिर्फ आर्थिक लाभ देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।

एक सोलर पैनल कितनी बिजली बनाता है?

एक औसत Rooftop Solar Panel प्रतिदिन करीब 4 यूनिट बिजली उत्पन्न करता है, जिसका मतलब है कि महीने में लगभग 120 यूनिट और साल में करीब 1440 यूनिट बिजली। उपयोग के बाद बची हुई बिजली बिजली निगम को ट्रांसफर कर दी जाती है, जिसके बदले में उपभोक्ता को ₹2.17 प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान भी किया जाता है। इससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बनता है।

अब नहीं देना होगा लोड बढ़ाने का शुल्क

सरकार द्वारा की गई एक और अहम घोषणा यह है कि अब उपभोक्ताओं को अपने घरेलू कनेक्शन का लोड बढ़ाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक और सरल बना दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।

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रखरखाव भी रहेगा मुफ्त, 25 साल तक नहीं देना होगा कोई चार्ज

PM Surya Ghar Bijli Yojana में उपभोक्ताओं को एक और बड़ा लाभ ये मिलेगा कि उन्हें आने वाले 25 वर्षों तक सोलर प्लांट के रखरखाव पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। यह पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों और सरकार की ओर से निभाई जाएगी। इससे सोलर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।

उपभोक्ताओं के लिए बनी ट्रैकिंग व्यवस्था, राहत का मिलेगा पूरा लाभ

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन राहतों का वास्तविक लाभ उपभोक्ताओं और वेंडर्स तक पहुंचे। इसके लिए बिजली निगम के अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की ट्रैकिंग करनी होगी और संबंधित कार्रवाइयों को समय पर पूरा करना होगा। इससे इस योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

सरकार दे सकती है अतिरिक्त सब्सिडी

विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि सरकार को 100 से 200 यूनिट प्रतिमाह खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त ₹30,000 से ₹60,000 तक की सब्सिडी देनी चाहिए। इससे निचले वर्ग के लोगों को भी इस योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

Rajasthan के हजारों उपभोक्ताओं को होगा सीधा फायदा

RERC के इस आदेश से राजस्थान में हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में न सिर्फ सस्ती होगी बल्कि सरल और शीघ्र भी बनेगी। इससे Green Energy को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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