PM Surya Ghar: ₹500 का रजिस्ट्रेशन और बिजली बिल का झंझट खत्म! जानें कैसे मिलेगा रूफटॉप सोलर पर भारी सब्सिडी का लाभ

पीएम सूर्य घर योजना से बिजली बिल खत्म! ₹78,000 सब्सिडी पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली। फरवरी 2026 तक 26 लाख घर लाभान्वित, 20.85 लाख सिस्टम इंस्टॉल। https://pmsuryaghar.gov.in पर रजिस्टर करें- राज्य, डिस्कॉम, कंज्यूमर नंबर डालें। नेट मीटरिंग से अतिरिक्त आय, सालाना ₹18,000 बचत। मध्यम वर्ग के लिए वरदान, जलवायु संरक्षण भी।

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बढ़ती बिजली दरों और महंगाई के दौर में आम आदमी का बजट चरमरा रहा है। ऐसे में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) एक वरदान बनकर उभरी है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ने फरवरी 2026 तक 26 लाख से अधिक घरों को लाभ पहुंचाया है, जहां 20.85 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल हो चुके हैं। ₹75,000 करोड़ के बजट वाली यह योजना 1 करोड़ घरों को लक्ष्य कर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा कर रही है, जिससे सालाना ₹15,000-18,000 की बचत संभव हो गई है।

क्या है पीएम सूर्य घर योजना?

योजना की शुरुआत 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी, जिसका उद्देश्य भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना है। घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर सूर्य की रोशनी से बिजली उत्पन्न की जाती है। दिन में पंखे, लाइट, फ्रिज जैसे उपकरण बिना ग्रिड पर निर्भरता के चलते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल बिजली बिल शून्य कर देती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। योजना से 30 गीगावाट अतिरिक्त सोलर क्षमता बनेगी और 25 वर्षों में 720 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन रुकेगा। साथ ही, 17 लाख नौकरियां सृजित होंगी।

बचत के साथ आय का स्रोत

नेट मीटरिंग इस योजना का सबसे आकर्षक फीचर है। अगर सोलर पैनल 300 यूनिट से अधिक बिजली बनाते हैं, तो अतिरिक्त यूनिट ग्रिड में बेची जा सकती है। इसके बदले डिस्कॉम क्रेडिट या भुगतान देती है। उदाहरणस्वरूप, 150 यूनिट वाली मासिक खपत वाले घर का बिल जीरो हो जाता है, जबकि 350 यूनिट पर केवल 50 यूनिट का बिल आता है। गर्मियों में एसी चलाने वाले परिवारों के लिए यह क्रांति साबित हो रही है। दिल्ली जैसे शहरों में बिजली दरें ₹8-10 प्रति यूनिट पहुंच चुकी हैं, लेकिन सोलर से उपभोक्ता भविष्य की महंगाई से सुरक्षित हैं।

सब्सिडी संरचना: 40% तक राहत

सरकार सिस्टम लागत का 40% सब्सिडी देती है, जो सीधे बैंक खाते में 30 दिनों में आ जाती है। 1 किलोवाट सिस्टम पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 और 3 किलोवाट या इससे ऊपर पर अधिकतम ₹78,000 की सहायता मिलती है। 2 किलोवाट सिस्टम की कुल लागत ₹1.2-1.5 लाख होती है, जिसमें सब्सिडी के बाद केवल ₹70,000-75,000 खर्च आता है। 7% ब्याज दर पर कोलेटरल-फ्री लोन भी उपलब्ध है। सोलर पैनल की 25 वर्ष की वारंटी इसे लंबे निवेश का सौदा बनाती है। प्रॉपर्टी वैल्यू में भी वृद्धि होती है।

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आवेदन प्रक्रिया

पात्रता सरल है- भारतीय नागरिक, वैध बिजली कनेक्शन और सोलर-उपयुक्त छत। आधिकारिक पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in या https://solarrooftop.pmsuryaghar.gov.in पर राज्य, डिस्कॉम, कंज्यूमर नंबर, मोबाइल-ईमेल से रजिस्टर करें। फिजिबिलिटी अप्रूवल, वेंडर चयन, इंस्टॉलेशन, नेट मीटर और सब्सिडी क्लेम का प्रोसेस पारदर्शी है। ₹500 रजिस्ट्रेशन फीस का कोई सरकारी उल्लेख नहीं; यह अफवाह लगती है। योजना 2026-27 तक चलेगी, लेकिन जल्द आवेदन करें क्योंकि लक्ष्य पूरा होने पर सीमित हो सकती है।

पर्यावरण और रोजगार पर प्रभाव

सोलर ऊर्जा प्रदूषण-रहित है, जो जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मददगार है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक जिले का ‘मॉडल सोलर विलेज’ बनाया जा रहा है। योजना ने इंस्टॉलेशन रेट को 10 गुना बढ़ा दिया है। हालांकि, रखरखाव न्यूनतम है- मात्र सफाई। नुकसान के रूप में शुरुआती लागत और छायादार छतों की समस्या बताई जाती है, लेकिन सब्सिडी इन्हें कम करती है।

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