Battery Load Calculation: गांव में 4 पंखे, 5 LED बल्ब और एक टीवी चलाने के लिए कितनी बैटरी और कितने सोलर पैनल चाहिए? जानें पूरा सेटअप

क्या आपके गांव में बिजली की परेशानी है? अब सिर्फ ₹70,000 में 4 पंखे, 5 LED बल्ब और टीवी चलाने वाला पावरफुल सोलर सेटअप लगाइए। जानिए कितनी बैटरी, कितने पैनल चाहिए और कैसे सरकार से सब्सिडी भी मिलेगी। यह गाइड पढ़कर आप खुद बना सकते हैं अपना मिनी पावर हाउस

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Written by Rohit Kumar

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Battery Load Calculation: गांव में 4 पंखे, 5 LED बल्ब और एक टीवी चलाने के लिए कितनी बैटरी और कितने सोलर पैनल चाहिए? जानें पूरा सेटअप
Battery Load Calculation: गांव में 4 पंखे, 5 LED बल्ब और एक टीवी चलाने के लिए कितनी बैटरी और कितने सोलर पैनल चाहिए? जानें पूरा सेटअप

Battery Load Calculation ग्रामीण भारत में अब बेहद अहम विषय बन चुका है, खासकर तब जब रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy की ओर रुझान बढ़ रहा है। बिजली की कमी वाले इलाकों में सोलर पैनल और बैटरी की मदद से घरों को रोशन किया जा सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि अगर किसी गांव के घर में 4 पंखे, 5 LED बल्ब और एक टीवी चलाना हो, तो इसके लिए कितनी बैटरी और कितने सोलर पैनल की जरूरत होगी।

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Battery Load Calculation के आधार पर यह कहा जा सकता है कि गांवों में 4 पंखे, 5 LED बल्ब और एक टीवी चलाने के लिए लगभग 2.67kWh ऊर्जा की जरूरत होती है, जिसे 450Ah की बैटरी और 3 सोलर पैनलों से पूरा किया जा सकता है। यह सिस्टम न केवल किफायती है, बल्कि एक स्थायी और पर्यावरण हितैषी विकल्प भी है।

ग्रामीण घर में बिजली की सामान्य आवश्यकता

गांव में बिजली की सामान्य आवश्यकता शहरों के मुकाबले कम होती है। एक औसतन ग्रामीण घर में रात के समय पंखा, बल्ब और टीवी जैसी सुविधाएं ही होती हैं। इस हिसाब से लोड का अनुमान लगाया जा सकता है।

एक पंखा औसतन 75W बिजली की खपत करता है। 5 LED बल्ब 9W के मान से कुल 45W और एक टीवी लगभग 100W की खपत करता है। इसका मतलब कुल बिजली खपत होती है:

(4 x 75W) + (5 x 9W) + 100W = 300W + 45W + 100W = 445W

अब यदि यह सभी उपकरण दिन में 6 घंटे चलाए जाएं, तो कुल ऊर्जा खपत होगी:

445W x 6 hours = 2670Wh या 2.67kWh प्रति दिन

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बैटरी की आवश्यकता कितनी होगी?

Battery Load Calculation के लिए यह जानना जरूरी है कि बैटरी कितने वोल्ट और कितने ampere-hour (Ah) की होनी चाहिए। मान लेते हैं कि हम 12V की बैटरी का उपयोग कर रहे हैं।

ऊर्जा = वोल्ट x एम्पियर-आवर
2670Wh = 12V x Ah
Ah = 2670 / 12 = 222.5Ah

अगर बैटरी को पूरी तरह से डिस्चार्ज नहीं करना है (जो बैटरी की लाइफ के लिए सही नहीं है), तो आमतौर पर 50% डिस्चार्ज का नियम अपनाया जाता है। यानी हमें लगभग 450Ah की बैटरी की जरूरत होगी।

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इसलिए, 12V की लगभग 450Ah बैटरी (या 150Ah की 3 बैटरियां) इस सेटअप के लिए पर्याप्त होंगी

सोलर पैनल की कितनी जरूरत होगी?

Battery Load Calculation में दूसरा अहम पहलू सोलर पैनल की क्षमता होती है। मान लेते हैं कि एक सोलर पैनल 330W का है और एक दिन में औसतन 5 घंटे अच्छी धूप मिलती है।

एक 330W पैनल एक दिन में देगा: 330W x 5 = 1650Wh या 1.65kWh

हमें 2.67kWh ऊर्जा की जरूरत है, तो:

2.67 / 1.65 = 1.61 पैनल
यानी, हमें कम से कम 2 सोलर पैनल (330W) के चाहिए, लेकिन कुछ बैकअप और हानि को ध्यान में रखते हुए 3 सोलर पैनल लगाना बेहतर होगा

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चार्ज कंट्रोलर और इन्वर्टर

चार्ज कंट्रोलर की जरूरत होती है ताकि सोलर पैनल से बैटरी को सुरक्षित चार्ज किया जा सके। इस सेटअप के लिए 30A MPPT चार्ज कंट्रोलर उपयुक्त रहेगा। इसके अलावा, एक 1kVA का इन्वर्टर इस छोटे सिस्टम को हैंडल करने में सक्षम रहेगा।

पूरे सोलर सेटअप की लागत

इस Battery Load Calculation के हिसाब से अगर लागत का अनुमान लगाया जाए, तो:

  • 150Ah बैटरी (3 यूनिट): ₹10,000-12,000 प्रति बैटरी = ₹30,000-36,000
  • 330W सोलर पैनल (3 यूनिट): ₹7,000-8,000 प्रति पैनल = ₹21,000-24,000
  • इन्वर्टर + चार्ज कंट्रोलर: ₹10,000-15,000
  • वायरिंग, इंस्टॉलेशन आदि: ₹5,000-7,000

कुल लागत: ₹65,000 से ₹80,000 के बीच

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इस सिस्टम के फायदे

  • बिजली बिल से पूरी तरह छुटकारा
  • गांवों में 24×7 बिजली का भरोसा
  • रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy का प्रयोग
  • पर्यावरण के लिए सुरक्षित और टिकाऊ समाधान

सरकार की योजनाओं का लाभ लें

सरकार द्वारा सोलर सिस्टम पर सब्सिडी दी जाती है, जिससे यह सेटअप और भी सस्ता हो सकता है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना, रूफटॉप सोलर योजना आदि ग्रामीण इलाकों में इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही हैं।

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Author
Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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