
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में सोलर पैनल (Solar Panel) लगवाना बेहद आसान और सुलभ हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से आम नागरिकों को न केवल रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत नागरिकों को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी (Subsidy) प्राप्त हो रही है, जिससे सोलर सिस्टम लगवाना अब पहले से कहीं अधिक किफायती हो गया है।
कितनी मिलेगी सब्सिडी और किसे?
PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की राशि सोलर पैनल की क्षमता के आधार पर तय की गई है। यदि कोई उपभोक्ता 1 किलोवाट (kW) का सिस्टम लगवाता है, तो उसे ₹30,000 की सब्सिडी दी जाती है। 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर यह राशि ₹60,000 हो जाती है। वहीं यदि कोई 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाता है, तो उसे अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त कुछ राज्य सरकारें भी अलग से सहायता राशि देती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जो कि केंद्र सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त राशि देती है। यूपी सरकार की तरफ से 1 किलोवाट पर ₹15,000, 2 किलोवाट पर ₹30,000 और 3 किलोवाट या उससे अधिक पर ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश में यदि कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाता है, तो उसे कुल ₹1,08,000 की सब्सिडी प्राप्त हो सकती है। यह आम जनता के लिए बहुत बड़ी राहत है।
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क्या हैं इस योजना के प्रमुख लाभ?
पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगवाने से उपभोक्ताओं को कई स्तर पर लाभ मिलते हैं। सबसे पहला फायदा यह है कि इससे आपके मासिक बिजली बिल (Electricity Bill) में भारी कटौती होती है। जिन घरों में सोलर पैनल लगे होते हैं, वहां परंपरागत ग्रिड से बिजली की आवश्यकता कम हो जाती है।
दूसरा महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यदि आपके सोलर सिस्टम से अधिक बिजली उत्पन्न हो रही है, तो आप उसे ग्रिड में बेच सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। यह प्रणाली नेट मीटरिंग (Net Metering) के तहत कार्य करती है और कई घरों में यह आमदनी का स्रोत बन चुकी है।
तीसरा और सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection) में सक्रिय भागीदार बनते हैं। सोलर पैनल से उत्पन्न होने वाली बिजली पूरी तरह से हरित ऊर्जा (Green Energy) है, जिससे किसी प्रकार का कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) नहीं होता। यह क्लाइमेट चेंज (Climate Change) से लड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी जानकारी
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को सबसे पहले राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। यहां उन्हें अपना राज्य, डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी), उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज कर पंजीकरण पूरा करना होता है।
पंजीकरण के बाद उपभोक्ता को लॉगिन कर सोलर पैनल की स्थापना के लिए आवेदन फॉर्म भरना होता है। इसके बाद संबंधित डिस्कॉम आपके आवेदन की जांच करती है और फिर स्वीकृति देती है। स्वीकृति मिलने के बाद पंजीकृत वेंडर से सोलर पैनल की स्थापना करवाई जा सकती है।
स्थापना पूरी होने के बाद नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करना आवश्यक होता है। डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण किया जाता है और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई संभावना नहीं रहती।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ न्यूनतम योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले तो आवेदक को भारतीय नागरिक (Indian Citizen) होना चाहिए। उसके पास खुद की छत होनी चाहिए जहां सोलर पैनल स्थापित किए जा सकें। इसके अलावा उसके नाम पर वैध बिजली कनेक्शन होना जरूरी है। एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक ने पहले किसी अन्य सोलर सब्सिडी योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
कहां से लें अधिक जानकारी?
यदि आप इस योजना के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं या आवेदन करने की प्रक्रिया को शुरू करना चाहते हैं, तो सीधे pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट पर जाएं। यहां पर राज्यवार गाइडलाइन, पंजीकृत वेंडर की सूची और अन्य सभी तकनीकी जानकारियां उपलब्ध हैं। इस पोर्टल के माध्यम से ही आपका आवेदन और सब्सिडी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।