Solar Tech Breakthrough: छोटे सोलर सेल्स से अब बिना बैटरी आपके गैजेट्स होंगे पावर, रिसर्चर्स का दावा

सोचिए अगर आपका मोबाइल, स्मार्टवॉच या वायरलेस ईयरबड्स बिना बैटरी और चार्जिंग के खुद-ब-खुद चलते रहें! साइंटिस्ट्स ने छोटे लेकिन सुपरपावरफुल सोलर सेल्स डेवलप किए हैं, जो सीधे आपके गैजेट्स को पावर देंगे। मतलब अब चार्जर ढूँढने की झंझट खत्म और बैटरी लो का डर भी गायब। क्या ये टेक्नोलॉजी आने वाले समय में पूरी दुनिया की एनर्जी गेम बदल देगी?

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Written by Rohit Kumar

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Solar Tech Breakthrough: छोटे सोलर सेल्स से अब बिना बैटरी आपके गैजेट्स होंगे पावर, रिसर्चर्स का दावा
Solar Tech Breakthrough: छोटे सोलर सेल्स से अब बिना बैटरी आपके गैजेट्स होंगे पावर, रिसर्चर्स का दावा

सोलर टेक्नोलॉजी (Solar Technology) की दुनिया में एक अहम सफलता दर्ज की गई है। शोधकर्ताओं ने नई पीढ़ी की परोव्स्काइट (Perovskite) आधारित सोलर सेल्स विकसित की हैं जो इनडोर लाइट से बिजली उत्पन्न कर सकती हैं। ये सेल्स इतनी कुशल हैं कि भविष्य में आपके कीबोर्ड, अलार्म और सेंसर जैसे डिवाइस बिना बैटरी के सिर्फ कमरे की रोशनी से ही चल सकेंगे।

इनडोर एनर्जी हार्वेस्टिंग का नया अध्याय

अप्रैल 30 को Advanced Functional Materials जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, इन नई परोव्स्काइट सेल्स ने इनडोर लाइट को बिजली में बदलने में 37.6% दक्षता हासिल की। शोधकर्ताओं ने पाया कि 1000 लक्स (Lux) की रोशनी – जो किसी अच्छी तरह से रोशन ऑफिस जैसी होती है – पर ये सेल्स अभूतपूर्व प्रदर्शन करती हैं।

पिछले कुछ वर्षों में परोव्स्काइट सोलर सेल्स को पारंपरिक सिलिकॉन आधारित पैनलों से अधिक प्रभावी माना गया है, खासकर कम रोशनी वाले माहौल में। अध्ययन के मुताबिक, ये सेल्स सिलिकॉन आधारित सेल्स की तुलना में छह गुना अधिक ऊर्जा उत्पन्न करती हैं।

बैटरी की जगह टिकाऊ विकल्प

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के Institute for Materials Discovery से जुड़े एसोसिएट प्रोफेसर मोहतबा अब्दी जलेबी (Mojtaba Abdi Jalebi) ने कहा,
“आज अरबों छोटे डिवाइस बैटरी पर चलते हैं और लगातार बैटरी बदलने की प्रक्रिया पर्यावरण के लिए अस्थिर है। जैसे-जैसे Internet of Things (IoT) का विस्तार होगा, यह समस्या और बढ़ेगी। परोव्स्काइट सेल्स इस चुनौती का सस्टेनेबल और किफायती विकल्प पेश करती हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, फिलहाल जो इनडोर सोलर सेल्स उपलब्ध हैं वे महंगे और अक्षम हैं। लेकिन इस नई तकनीक से बने परोव्स्काइट सेल्स ज्यादा ऊर्जा पैदा करते हैं और लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं।

रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के लिए बड़ी संभावनाएँ

नई तकनीक के जरिए घरों में मौजूद छोटे-बड़े उपकरणों को बैटरी-फ्री बनाया जा सकता है। स्मार्ट-होम डिवाइस जैसे कि सिक्योरिटी अलार्म, वायरलेस कीबोर्ड और छोटे सेंसर अब बैटरी पर निर्भर नहीं रहेंगे। इस खोज से रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) सेक्टर में भी बड़े बदलाव की संभावना है।

जलेबी ने बताया, “इन सेल्स को बेहद आसान तकनीक से बनाया जा सकता है, यहाँ तक कि इन्हें अखबार की तरह प्रिंट किया जा सकता है। यह लागत को कम करता है और बड़े पैमाने पर उत्पादन की संभावना को मजबूत बनाता है।”

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परोव्स्काइट की चुनौतियाँ और समाधान

हालांकि परोव्स्काइट की सबसे बड़ी चुनौती रही है उसकी स्थिरता और दीर्घायु। इस सामग्री की क्रिस्टल संरचना में सूक्ष्म खामियाँ (Traps) पाई जाती हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन फंस जाते हैं। ये खामियाँ बिजली के प्रवाह को बाधित करती हैं और लंबे समय में सामग्री को तेजी से खराब करती हैं।

इसे हल करने के लिए वैज्ञानिकों ने तीन प्रमुख रसायनों का प्रयोग किया:

  • Rubidium Chloride: क्रिस्टल को समान रूप से बढ़ाने में मदद की और खामियों की संख्या घटाई।
  • DMOAI और PEACl (दोनों अमोनियम आधारित सॉल्ट): आयनों को स्थिर किया और उनके अलगाव को रोका।

इस संयोजन से परोव्स्काइट का प्रदर्शन और टिकाऊपन दोनों बेहतर हुए। लीड लेखक सिमिंग हुआंग (Siming Huang) ने कहा,
“इन छोटे-छोटे दोषों से सोलर सेल ऐसी हो जाती थी जैसे कोई केक टुकड़ों में बंट गया हो। हमने इन रणनीतियों से उस केक को फिर से जोड़ दिया है, जिससे ऊर्जा का प्रवाह सहज हो गया है।

प्रदर्शन और टिकाऊपन में सुधार

शोधकर्ताओं ने पाया कि नई सेल्स ने 100 दिनों तक अपनी 92% कार्यक्षमता बनाए रखी। तुलना में, वे सेल्स जिनमें दोषों को नहीं सुधारा गया था, उन्होंने सिर्फ 76% प्रदर्शन ही बरकरार रखा। इससे साबित होता है कि नई तकनीक न केवल ऊर्जा दक्षता बढ़ाती है बल्कि दीर्घकालीन टिकाऊपन भी सुनिश्चित करती है।

आगे की राह और इंडस्ट्री की दिलचस्पी

शोधकर्ता अब इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लाने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। अगर यह तकनीक व्यावसायिक रूप से अपनाई जाती है तो यह न केवल छोटे गैजेट्स बल्कि भविष्य में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट-होम उपकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।

Also ReadPremier Energies Ltd: एनर्जी स्टॉक से मिलेगा तगड़ा फायदा, जानें कितना मिलेगा मुनाफा Premier Energies Ltd ने हाल ही में अपने IPO (Initial Public Offering) के जरिए बाजार में जोरदार एंट्री की है। Renewable Energy सेक्टर की इस कंपनी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न देकर सभी का ध्यान खींचा है। IPO से लेकर लिस्टिंग डे तक का प्रदर्शन, मौजूदा शेयर प्राइस, कंपनी की वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिम—इन सभी पहलुओं पर नजर डालना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है। IPO प्रदर्शन और लिस्टिंग डे की रैली Premier Energies Ltd का IPO मूल्य बैंड ₹427 से ₹450 प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। लेकिन जब कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग हुई, तो कीमत ₹990 से ₹994.55 तक पहुंच गई। यानी लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 120% तक का फायदा हुआ। इससे यह साफ हो गया कि बाजार में इस IPO को लेकर जबरदस्त उत्साह था। इस उत्साह का संकेत IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से पहले ही मिल गया था। GMP लगभग ₹397 तक पहुंच गया था, जोकि इश्यू प्राइस पर 88% प्रीमियम को दर्शाता है। IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कुल मिलाकर इसे 75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें QIB (Qualified Institutional Buyers) श्रेणी में 212.42 गुना, NII (Non-Institutional Investors) में 50.98 गुना और रिटेल निवेशकों में 7.44 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सभी वर्गों के निवेशक इस कंपनी में रुचि ले रहे हैं। मौजूदा शेयर मूल्य और विश्लेषण 17 अप्रैल 2025 को Premier Energies Ltd का शेयर प्राइस ₹948.15 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, विश्लेषकों का औसत टारगेट प्राइस ₹925.25 है, जबकि कुछ विश्लेषकों ने इसे ₹1,228 तक भी प्रोजेक्ट किया है। लेकिन एक अहम बात यह है कि JP Morgan ने हाल ही में कंपनी का टारगेट प्राइस ₹1,170 से घटाकर ₹940 कर दिया है। यह इस ओर संकेत करता है कि विश्लेषक कंपनी के मूल्यांकन को लेकर थोड़े सतर्क हैं। वर्तमान में कंपनी का P/E (Price-to-Earnings) अनुपात 52.7 है, जोकि एक हाई वैल्यूएशन को दर्शाता है। वहीं, EPS (Earnings per Share) ₹16.3 है। वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में जबरदस्त छलांग Premier Energies Ltd ने FY24 में ₹3,171.31 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि इस क्षेत्र की एक मझोली कंपनी के लिए काफी मजबूत आंकड़ा है। इस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹231.36 करोड़ रहा, जबकि FY23 में यह आंकड़ा मात्र ₹13.83 करोड़ था। यानी कंपनी ने साल भर में लगभग 1,572% का PAT (Profit After Tax) ग्रोथ दर्ज किया है, जो कि बेहद सराहनीय है। कंपनी की ROE (Return on Equity) 43.73% और ROCE (Return on Capital Employed) 25.65% है। ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि कंपनी ने पूंजी का प्रभावी उपयोग करते हुए उच्च लाभप्रदता अर्जित की है। जोखिम और चुनौतियां हालांकि कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन इसमें कुछ अहम जोखिम भी शामिल हैं जिनका निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए। कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा ग्राहकों से आता है। इस ग्राहक निर्भरता से अगर भविष्य में कोई ग्राहक हटता है या डील में बदलाव होता है, तो कंपनी की कमाई पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, Premier Energies Ltd अपने कई उपकरण चीन से आयात करती है। इस कारण वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार के व्यवधान का असर इसके उत्पादन पर पड़ सकता है। सबसे अहम जोखिम कंपनी का वर्तमान मूल्यांकन है। 52.7 का P/E अनुपात यह दर्शाता है कि निवेशक पहले ही भविष्य की उच्च कमाई को दाम में शामिल कर चुके हैं। ऐसे में यदि कंपनी भविष्य की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, तो स्टॉक में करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दीर्घकालिक नजरिए से निवेश Renewable Energy सेक्टर में Premier Energies Ltd की स्थिति मजबूत होती जा रही है। IPO में जबरदस्त रेस्पॉन्स, लिस्टिंग डे पर शानदार मुनाफा और वित्तीय आंकड़ों में भारी वृद्धि इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाती है। हालांकि, हाई वैल्यूएशन और कुछ रणनीतिक जोखिमों के चलते अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। लेकिन अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और Renewable Energy सेक्टर की संभावनाओं में विश्वास रखते हैं, तो Premier Energies Ltd आपके पोर्टफोलियो में शामिल करने योग्य स्टॉक हो सकता है।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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