
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है, क्योंकि सोलर पैनल की कीमतें अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुँच गई है, उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, विनिर्माण लागत में कमी, तकनीकी प्रगति और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के कारण सौर ऊर्जा अब आम उपभोक्ता की पहुँच में आ गई है, यह गिरावट उन लाखों परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर है जो बिजली बिल में कटौती करना चाहते हैं और पर्यावरण के प्रति जागरुक हैं।
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कीमतों में भारी गिरावट का कारण
पिछले एक दशक में सोलर पैनल की कीमतों में लगातार कमी आई है, लेकिन हालिया गिरावट विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
- वैश्विक स्तर पर सोलर पैनल उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि हुई है।
- नई और अधिक कुशल प्रौद्योगिकियों ने लागत कम की है, जबकि दक्षता बढ़ाई है।
- भारत सरकार की ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) जैसी पहल ने बाजार को गति दी है और उपभोक्ताओं को सब्सिडी के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की है।
क्या अब छत पर सोलर लगवाने का सही समय है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सोलर रुफटॉप सिस्टम (Solar Rooftop System) स्थापित करने का सबसे उपयुक्त समय है, कम प्रारंभिक निवेश लागत और सरकारी सब्सिडी के साथ, ‘ब्रेक-ईवन’ (लागत वसूलने) का समय काफी कम हो गया है एक बार सिस्टम लग जाने के बाद, उपभोक्ता अगले 25 वर्षों तक मुफ्त या बेहद सस्ती बिजली का लाभ उठा सकते है।
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उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बातें
यदि आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बिंदुओं पर विचार करना आवश्यक है:
- सुनिश्चित करें कि आप सरकारी सब्सिडी योजना के लिए आवेदन करें।
- अपनी बिजली की जरुरतों के आधार पर सही क्षमता (किलोवाट) का सिस्टम चुनें।
- एक प्रमाणित और अनुभवी इंस्टॉलेशन कंपनी का चयन करें।
इस ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाकर, नागरिक न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, बल्कि देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में भी योगदान दे सकते है, अधिक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए, उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल फॉर रूफटॉप सोलर पर जा सकते हैं।







