भारत सरकार की नई योजनाओं से इन 3 सोलर कंपनियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ – जानिए कौन से शेयर देंगे आपको मुनाफा

भारत सरकार की नई सोलर योजनाओं से कुछ कंपनियों को भारी लाभ मिलने की उम्मीद है। अगर आप सोलर सेक्टर में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो इन 3 कंपनियों के शेयर आपके लिए फायदे का सौदा हो सकते हैं। जानिए कौन सी कंपनियां हैं इन योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली और कैसे आपको मिलेगा मुनाफा।

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भारत सरकार की नई योजनाओं से इन 3 सोलर कंपनियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ, जानिए क्या शेयर देंगे आपको मुनाफा?
भारत सरकार की नई योजनाओं से इन 3 सोलर कंपनियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ, जानिए क्या शेयर देंगे आपको मुनाफा?

भारत सरकार 1 अप्रैल 2026 से सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) सेल के लिए मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत सूची (ALMM) की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू सोलर विनिर्माण को बढ़ावा देना और हरित ऊर्जा संक्रमण में सहायता करना है। यह पहल भारत में सोलर मॉड्यूल की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए 2019 में लागू किए गए ढांचे पर आधारित है। साथ ही, इससे भारत की आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इस योजना से लाभ उठाने वाली प्रमुख कंपनियां वे हैं जो सोलर पीवी मॉड्यूल निर्माण में अग्रणी हैं और जिनके पास मजबूत विनिर्माण क्षमता है। आइए जानें, उन प्रमुख कंपनियों के बारे में जो इस योजना से सबसे अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए तैयार हैं।

टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (Tata Power Limited)

टाटा पावर कंपनी लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी कंपनियों में से एक है। टाटा पावर का वर्तमान में ₹1.36 लाख करोड़ का मार्केट कैप है और इसके शेयर की कीमत ₹369.50 प्रति शेयर के आस-पास है। कंपनी को भारत सरकार की नई ALMM योजना से महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है, खासकर इसके विशाल सोलर विनिर्माण क्षमता के कारण। टाटा पावर की 4.3 GW सोलर विनिर्माण क्षमता है, जिसमें से तमिलनाडु स्थित तिरुनेलवेली संयंत्र में 2 GW सोलर सेल निर्माण की क्षमता शामिल है।

कंपनी ने वित्तीय वर्ष Q1FY25 में अपने राजस्व में सालाना आधार पर 14% वृद्धि दर्ज की, जो ₹17,294 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी का शुद्ध लाभ 4.2% बढ़कर ₹1,189 करोड़ हो गया, जो इसके शानदार प्रदर्शन का संकेत है। ऐसे में, टाटा पावर को सरकार की सोलर योजनाओं से अपेक्षाकृत अधिक लाभ हो सकता है, जो घरेलू सोलर विनिर्माण को प्रोत्साहित कर रही है।

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Limited)

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है, और इसका वर्तमान मार्केट कैप ₹2.61 लाख करोड़ है। कंपनी का शेयर ₹925.50 प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। AGEL के पास विशाल सोलर और वायु ऊर्जा परियोजनाओं की कार्यान्वयन क्षमता है, जो उसे ALMM योजना से बड़े फायदे दिला सकती है।

कंपनी ने गुजरात के खावड़ा में 30 GW सोलर ऊर्जा परियोजना का विकास शुरू कर दिया है, और इसके संचालन में दक्षता बढ़ाने के लिए उन्नत रोबोटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। AGEL का लक्ष्य 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता तक पहुंचने का है, जो उसे भारत सरकार की योजनाओं से फायदा दिलाने के लिए एक मजबूत स्थिति में रखता है।

अडानी ग्रीन एनर्जी ने Q2FY25 में अपने राजस्व में सालाना आधार पर 38% वृद्धि देखी, जो ₹3,055 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, शुद्ध लाभ में 39% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹515 करोड़ हो गया। इस मजबूत वृद्धि से कंपनी के सोलर क्षेत्र में भविष्य में और अधिक सफलता की उम्मीद जताई जा रही है।

वारी एनर्जीज लिमिटेड (Waaree Energies Limited)

वारी एनर्जीज लिमिटेड का मार्केट कैप ₹40,136 करोड़ है और इसके शेयर की कीमत ₹2,165.00 प्रति शेयर है। वारी एनर्जीज भारत की सबसे बड़ी सोलर पीवी मॉड्यूल निर्माता कंपनी बन चुकी है, जिसकी स्थापित क्षमता 13.3 GW है। इस कंपनी के लिए सरकार की नई ALMM योजना काफी फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि भारत आयातित घटकों पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है।

वारी एनर्जीज अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए अमेरिका में एक नई सुविधा भी स्थापित कर रही है, जो 2027 तक 6 GW तक विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी ने हाल ही में अपने राजस्व में सालाना आधार पर 2.5% वृद्धि दर्ज की, जो ₹3,409 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा, शुद्ध लाभ में 18% की बढ़ोतरी हो कर यह ₹401 करोड़ हो गया है।

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इन कंपनियों के लिए सरकार की योजनाओं का महत्व

भारत सरकार की ये योजनाएं सोलर ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने वाली हैं। घरेलू सोलर विनिर्माण को प्रोत्साहित करने, आयात पर निर्भरता कम करने और सोलर पीवी मॉड्यूल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के प्रयासों से टाटा पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी और वारी एनर्जीज जैसी कंपनियां लाभान्वित होंगी। इसके अलावा, यह कदम रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने और भारत के 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

इन तीन कंपनियों की व्यापक विनिर्माण क्षमता और मजबूत वित्तीय स्थिति उन्हें आने वाले समय में सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्षम बनाएगी। जैसे-जैसे भारत सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाएगा, इन कंपनियों के लिए नई मौके भी उत्पन्न होंगे।

FAQs

1. ALMM योजना क्या है?
ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) योजना एक भारत सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल की गुणवत्ता में सुधार करना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।

2. टाटा पावर को ALMM योजना से कितना लाभ हो सकता है?
टाटा पावर को अपनी 4.3 GW सोलर विनिर्माण क्षमता और 2GW की तिरुनेलवेली सुविधा के कारण ALMM योजना से महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है।

3. अडानी ग्रीन एनर्जी का सोलर ऊर्जा क्षेत्र में क्या योगदान है?
अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड 30 GW की सोलर ऊर्जा परियोजना खावड़ा में विकसित कर रही है, और इसका लक्ष्य 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता प्राप्त करना है।

4. वारी एनर्जीज लिमिटेड का सोलर पीवी मॉड्यूल निर्माण में कितना योगदान है?
वारी एनर्जीज लिमिटेड की स्थापित सोलर पीवी मॉड्यूल क्षमता 13.3 GW है, और यह भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनी बन चुकी है।

5. भारत सरकार का अक्षय ऊर्जा लक्ष्य क्या है?
भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।

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