
ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे नए आविष्कारों ने अब आम आदमी के घर को ‘स्मार्ट और आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है, अब तक आपने केवल घरों की छतों पर भारी-भरकम सोलर पैनल देखे होंगे, लेकिन अब आपके घर की साधारण दिखने वाली कांच की खिड़कियां ही बिजली पैदा करेंगी, ट्रांसपेरेंट सोलर विंडो (Transparent Solar Window) तकनीक के आने से अब आम उपभोक्ताओं का बिजली बिल ‘जीरो’ होने की राह आसान हो गई है।
क्या है सोलर ग्लास तकनीक?
सोलर ग्लास या पारदर्शी सोलर पैनल एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है जिसमें कांच के ऊपर एक विशेष प्रकार की कोटिंग की जाती है, यह कोटिंग सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट (UV) और इन्फ्रारेड (IR) किरणों को सोख लेती है और उन्हें बिजली में बदल देती है, सबसे खास बात यह है कि यह कांच पूरी तरह पारदर्शी होता है, जिससे घर के अंदर आने वाली रोशनी पर कोई असर नहीं पड़ता।
कैसे काम करती है यह जादुई खिड़की?
वैज्ञानिकों ने इसमें TLSC (Transparent Luminescent Solar Concentrator) तकनीक का इस्तेमाल किया है, इसमें मौजूद कार्बनिक लवण (Organic Salts) अदृश्य प्रकाश तरंगों को सोखकर उन्हें कांच के किनारों की ओर भेजते हैं, जहाँ लगे पतले सोलर सेल इस ऊर्जा को बिजली में तब्दील कर देते हैं, इस बिजली का उपयोग घर के लाइट, पंखे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चलाने में किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं को होने वाले बड़े फायदे
- यदि घर या ऊंची इमारतों की सभी खिड़कियों में इस ग्लास का इस्तेमाल किया जाए, तो बिजली की निर्भरता ग्रिड से लगभग खत्म हो सकती है।
- यह ग्लास सूरज की गर्मी (Heat) को सोख लेता है, जिससे तपती गर्मी में भी घर का तापमान सामान्य रहता है और एयर कंडीशनर का खर्च कम हो जाता है।
- शहरों में जहाँ छतों पर जगह की कमी होती है, वहां खिड़कियों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए करना एक गेम-चेंजर साबित होगा।
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भारत में भविष्य और संभावनाएं
भारत सरकार की सौर ऊर्जा नीति और बजट 2026 में सोलर कंपोनेंट्स पर दी गई राहत के बाद, घरेलू बाजार में इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है, वर्तमान में Borosil Renewables और Asahi India Glass (AIS) जैसी कंपनियां सोलर ग्लास इकोसिस्टम में सक्रिय हैं, वहीं, कुछ स्टार्टअप्स पारदर्शी सोलर कोटिंग सर्विस भी प्रदान कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 2-3 वर्षों में यह तकनीक इतनी किफायती हो जाएगी कि एक आम मध्यमवर्गीय परिवार भी अपनी पुरानी खिड़कियों को सोलर विंडो से बदल सकेगा।







