यूपी में लगेगा आठ हजार करोड़ रुपये का सोलर-बायोफ्यूल प्लांट, हजारों को मिलेगा रोजगार

उत्तर प्रदेश में शुरू होने जा रहा है एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट ₹8000 करोड़ की लागत से सोलर-बायोफ्यूल प्लांट की स्थापना! इस मेगा इन्वेस्टमेंट से राज्य के हजारों युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार, गांवों में आएगी आर्थिक रफ्तार और पर्यावरण को मिलेगा नया जीवन। जानिए कैसे बदल जाएगी यूपी की तस्वीर!

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Written by Rohit Kumar

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यूपी में लगेगा आठ हजार करोड़ रुपये का सोलर-बायोफ्यूल प्लांट, हजारों को मिलेगा रोजगार
यूपी में लगेगा आठ हजार करोड़ रुपये का सोलर-बायोफ्यूल प्लांट, हजारों को मिलेगा रोजगार

गोरखपुर के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई ऊंचाई देने के लिए जल्द ही धुरियापार औद्योगिक गलियारे में एक सोलर-बायोफ्यूल प्लांट की स्थापना की जाएगी। केयान ग्रुप द्वारा इस परियोजना में 8000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ राज्य के रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

गोरखपुर के धुरियापार में होगा सुपर मेगा प्रोजेक्ट का शुभारंभ

यह मेगा प्रोजेक्ट केयान ग्रुप की अनुषंगी कंपनी श्रेयस सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत स्थापित किया जा रहा है। परियोजना के लिए गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) द्वारा कंपनी को 150 एकड़ भूमि आवंटित की जा रही है, जिसका तकनीकी निरीक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है। कंपनी की योजना यहां सोलर एनर्जी, बायोफ्यूल, प्रीमियम क्वालिटी शराब, सिंगल माल्ट व्हिस्की और बीयर के उत्पादन की है।

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14000 लोगों को प्रत्यक्ष और 25000 को अप्रत्यक्ष रोजगार

परियोजना की स्थापना के बाद गोरखपुर सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के 14000 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। वहीं, 25000 से अधिक लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस परियोजना से जुड़े रोजगार प्राप्त करेंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान भी देगा।

हर दिन 300 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा

सोलर प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 300 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की होगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) से जल्द ही समझौता किया जाएगा। यह ऊर्जा राज्य की ग्रीन एनर्जी नीति के तहत उपयोग में लाई जाएगी और इससे पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रतिदिन 18 लाख लीटर एथेनाल और प्रीमियम एल्कोहल का उत्पादन

इस प्लांट में प्रतिदिन 18 लाख लीटर एथेनाल का उत्पादन किया जाएगा, जिसे एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को आपूर्ति किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्रेन और मोलासिस से चार लाख लीटर एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (ENA) का उत्पादन किया जाएगा, जो 99.99% शुद्ध एल्कोहल होता है। इसी ENA में मिश्रण कर प्रीमियम क्वालिटी की शराब तैयार की जाएगी।

एशिया और यूरोप को होगी शराब की निर्यात

परियोजना के तहत कंपनी की योजना है कि तैयार की गई विदेशी शराब को एशिया के साथ यूरोपीय देशों में भी निर्यात किया जाए। इसके लिए अत्याधुनिक माल्ट प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिससे 60 हजार लीटर प्रतिदिन माल्ट का उत्पादन होगा। साथ ही, ब्रूअरी प्लांट में 50 हजार केसेज बीयर का प्रतिदिन निर्माण होगा।

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उत्पादन और आपूर्ति के लिए तैयार की जा रही लॉजिस्टिक्स व्यवस्था

कंपनी की ओर से परिसर को रेलवे ट्रैक से जोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है। इसके लिए रेलवे प्रशासन के साथ अनुबंध की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, सड़क मार्ग से टैंकरों के माध्यम से भी माल की आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। उत्पादन के लिए आवश्यक चावल की आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम (FCI) से अनुबंध के तहत पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। मक्का की आपूर्ति महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा जैसे राज्यों से रेल मार्ग के जरिये सीधे प्लांट परिसर तक लाई जाएगी।

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कंपनी परिसर में बनेगा आवासीय परिसर, होंगी सभी सुविधाएं

कंपनी द्वारा कर्मचारियों की सहूलियत के लिए तीन हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण भी किया जाएगा। इन आवासों में सभी मूलभूत सुविधाएं होंगी ताकि श्रमिकों और अधिकारियों को कोई असुविधा न हो। यह आवासीय परिसर पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से हुआ प्रोजेक्ट का विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ही केयान ग्रुप ने यह सुपर मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश में लाने का निर्णय लिया। इससे पहले कंपनी द्वारा गीडा में स्थापित डिस्टिलरी प्लांट का स्वयं मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया था। अब उसी की कड़ी में यह नया प्लांट लांच किया जा रहा है।

केयान ग्रुप के एमडी विनय सिंह का कहना है कि यह प्लांट न केवल पूर्वांचल की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि धुरियापार जैसे ऊसर इलाके को औद्योगिक हब में परिवर्तित कर देगा।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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