
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 53 हजार से अधिक किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस कदम से राज्य में बिजली उत्पादन के साथ-साथ किसानों को सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा प्राप्त होगी। सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सौर ऊर्जा उत्पादन में हुआ जबरदस्त इजाफा
योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में बेहतरीन प्रगति की है। 2017 तक राज्य में कुल 288 मेगावाट की ग्रीन एनर्जी परियोजनाएं स्थापित थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 2653 मेगावाट हो गई है। इसके अलावा, 508 मेगावाट की सोलर रूफटॉप परियोजनाएँ भी विभिन्न सरकारी भवनों पर स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि सरकार का लक्ष्य 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का है, जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में बिजली की स्थिति में सुधार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है। 2017 से पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति औसतन 8 से 10 घंटे होती थी, वहीं अब इन क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे तक बिजली मिल रही है। सरकार ने हर मजरे तक विद्युतीकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 24,800 करोड़ रुपये की लागत से 193 नए सब-स्टेशन स्थापित किए हैं। इसके साथ ही, 9926 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं और 1,88,000 निजी नलकूपों को बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया है।
किसानों की मदद के लिए कई योजनाएं
उत्तर प्रदेश में किसानों की मदद के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 लाख किसानों के निजी नलकूपों का बिजली बिल माफ कर दिया गया है। इसके अलावा, 1.65 करोड़ किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया गया है। 2017 में पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख किसानों का 36,000 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया गया था, जो एक बड़ी राहत थी। अब सरकार 53 हजार से अधिक किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रही है, जिससे किसानों को सस्ती और स्थिर ऊर्जा प्राप्त होगी।
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गन्ना उत्पादन में शानदार वृद्धि
गन्ना उत्पादन (Sugarcane Production) के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। 2016-17 में जहां 20.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती थी, अब यह बढ़कर 29.6 लाख हेक्टेयर हो गई है। गन्ने की प्रति हेक्टेयर पैदावार 72 टन से बढ़कर 85 टन हो गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2017 से अब तक 2.73 लाख करोड़ रुपये गन्ना किसानों को भुगतान किए गए हैं, जो कि राज्य के गन्ना भुगतान इतिहास में एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है।
चीनी मिलों की स्थापना और रोजगार
उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। राज्य में वर्तमान में 120 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं, जिनमें 39 नई मिलों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही, 6 पुरानी मिलों का पुनः संचालन हुआ है और 38 चीनी मिलों का विस्तार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप करीब 1.25 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हुए हैं। राज्य में 285 खांडसारी इकाइयों की स्थापना भी हुई है, जिससे 41,800 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी योगी सरकार ने बड़े सुधार किए हैं। 2017 से पहले राज्य में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब सभी 75 जिलों में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो चुकी है। इंसेफेलाइटिस जैसी खतरनाक बीमारियों पर काबू पाया गया है, जिससे प्रदेश में बच्चों की मौतों में 99% तक की कमी आई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में डायलिसिस, ब्लड बैंक और प्लेटलेट्स बैंक की सुविधा हर जिले में उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने सबसे अधिक गोल्डन कार्ड जारी किए हैं।
सिंचाई सुविधाओं में सुधार
राज्य में सिंचाई सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। 31,000 सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से 22 लाख 75 हजार हेक्टेयर अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही, मध्य गंगा नहर परियोजना और कनहर सिंचाई परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी राज्य में चल रहे हैं, जिनसे और अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
समग्र विकास की दिशा में योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 28.58 लाख किसानों को बीमा कवर प्रदान किया है, जिसमें 9.33 लाख किसानों को 495.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का भी लक्ष्य तय किया है और इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
योगी सरकार का यह प्रयास उत्तर प्रदेश को न केवल ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि किसानों की स्थिति में भी सुधार करेगा। इससे राज्य में न सिर्फ कृषि क्षेत्र को फायदा होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।