UP सरकार का बड़ा ऐलान! सिर्फ ₹5,000 टोकन मनी में करें सोलर पंप की बुकिंग, जानें आवेदन प्रक्रिया

सरकार की क्रांतिकारी योजना PM Kusum Yojana के तहत किसान सिर्फ 10 से 30 फीसदी लागत में सोलर पंप लगवा सकते हैं। जानिए कैसे करें आवेदन, कौन-कौन ले सकते हैं लाभ और क्यों है यह योजना किसानों के लिए गेमचेंजर!

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Written by Rohit Kumar

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UP सरकार का बड़ा ऐलान! सिर्फ ₹5,000 टोकन मनी में करें सोलर पंप की बुकिंग, जानें आवेदन प्रक्रिया
UP सरकार का बड़ा ऐलान! सिर्फ ₹5,000 टोकन मनी में करें सोलर पंप की बुकिंग, जानें आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए Renewable Energy के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। अब यूपी के किसान सोलर पंप (Solar Pump) बेहद कम लागत पर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना पीएम किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM Scheme) के तहत चलाई जा रही है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों मिलकर किसानों को अनुदान देती हैं। इस योजना के अंतर्गत ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 54,000 सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को अपनी बुकिंग के समय मात्र 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो चुकी है और इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं।

टोकन मनी से होगी बुकिंग की शुरुआत

इस योजना में भाग लेने के लिए किसानों को सबसे पहले ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा और साथ ही 5,000 रुपये की टोकन मनी जमा करनी होगी। यह टोकन मनी आपके आवेदन को प्राथमिकता में लाती है, और “पहले आओ, पहले पाओ” के नियम के अंतर्गत चयन सुनिश्चित करती है। बुकिंग कन्फर्म होने के बाद 14 दिनों के भीतर किसानों को अपना शेष अंशदान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करना होगा।

किसानों को कितना देना होगा योगदान

PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को सोलर पंप की कुल लागत का केवल 40 प्रतिशत भुगतान करना होता है। शेष 60 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा सब्सिडी (Subsidy) के रूप में वहन की जाती है। यानी किसान को कम कीमत में सिंचाई के लिए पंप मिल जाता है। यदि कोई किसान लोन लेकर अपना अंशदान भरता है, तो उसे कृषि अवस्थापना निधि (Agriculture Infrastructure Fund – AIF) के अंतर्गत ब्याज में छूट का भी लाभ दिया जाएगा।

पीएम कुसुम योजना क्या है और कैसे है फायदेमंद

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM Scheme) एक राष्ट्रीय स्तर की Renewable Energy योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और स्थायी ऊर्जा प्रदान करना है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं है, या किसान डीजल पंप पर निर्भर हैं, वहां यह योजना अत्यधिक लाभकारी है। सरकार का लक्ष्य है कि सोलर पंप स्थापित होने के बाद इन क्षेत्रों में डीजल पंप का प्रयोग बंद हो और बिजली कनेक्शन की आवश्यकता भी समाप्त हो जाए। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों के खर्च में भी भारी कटौती होगी।

सोलर पंप के लिए क्या हैं आवश्यक शर्तें

इस योजना के तहत सोलर पंप की क्षमता के अनुसार बोरिंग और जलस्तर की कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। उदाहरण के लिए, 2 HP वाले पंप के लिए 4 इंच की बोरिंग अनिवार्य है। इसी प्रकार 3 और 5 HP के लिए 6 इंच तथा 7.5 और 10 HP पंप के लिए 8 इंच की बोरिंग आवश्यक है।
सर्फेस पंप की बात करें तो 22 फीट तक 2 HP पंप लगाया जा सकता है। सबमर्सिबल पंप की गहराई के अनुसार क्षमता निर्धारित की गई है –
50 फीट तक 2 HP, 150 फीट तक 3 HP, 200 फीट तक 5 HP और 300 फीट तक 7.5 या 10 HP सबमर्सिबल पंप लगाए जाते हैं। जलस्तर का आंकलन करते हुए पंप का चयन जरूरी है, ताकि सिंचाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

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पहले आओ, पहले पाओ के नियम में देरी न करें

योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले को सीमित संख्या में सोलर पंप आवंटित किए गए हैं। इस कारण बुकिंग प्रक्रिया “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर आधारित है। इसका अर्थ है कि जो किसान पहले टोकन मनी जमा करेगा और आवेदन करेगा, उसे पहले लाभ मिलेगा। बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसान को 14 दिनों के भीतर शेष राशि का भुगतान करना होता है। समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न करने पर आवेदन रद्द भी हो सकता है।

किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ और ऊर्जा की आज़ादी

यह योजना किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी है। डीजल या बिजली से चलने वाले पंपों की तुलना में सोलर पंप एक बार की लागत पर लंबे समय तक मुफ्त ऊर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। यूपी सरकार की इस पहल से हजारों किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और भरोसेमंद Renewable Energy विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी और आय में बढ़ोत्तरी होगी।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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