
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, इस योजना के तहत, सरकार किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप स्थापित करने हेतु भारी-भरकम वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, नवीनतम अपडेट्स के अनुसार, विभिन्न राज्यों में 10 हॉर्स पावर (HP) तक के सोलर कृषि पंप लगाने पर किसानों को ₹2.5 लाख तक या उससे भी अधिक का अनुदान मिल रहा है।
यह भी देखें: सोलर वाटर हीटर को छत पर लगाते समय इन बातों का ध्यान रखना है अनिवार्य! वरना हो जाएगा भारी नुकसान
सब्सिडी का विवरण: कितनी मिलेगी सहायता?
पीएम-कुसुम योजना के तहत लागत विभाजन बेहद आकर्षक है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों को 60% तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं।
- केंद्र सरकार का योगदान: 30%
- राज्य सरकार का योगदान: न्यूनतम 30% (कई राज्यों में यह अधिक है, जिससे कुल सब्सिडी ₹2.5 लाख पार कर जाती है)
- किसान का अंशदान: शेष 40%। खास बात यह है कि किसान इस 40% राशि के लिए बैंकों से आसान ऋण (लोन) प्राप्त कर सकते हैं, जिससे किसान के हिस्से की तत्काल अदायगी मात्र 10% तक सीमित हो जाती है।
यह योजना 10 HP क्षमता तक के स्टैंडअलोन (ग्रिड से जुड़े नहीं) सोलर पंपों के लिए लागू है।
आवश्यक पात्रता और दस्तावेज
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी होंगी:
पात्रता
- व्यक्तिगत किसान, किसान समूह, FPO (किसान उत्पादक संगठन), पंचायतें, सहकारी समितियां और जल उपभोक्ता संघ आवेदन कर सकते हैं।
यह भी देखें: बिजली बिल में 50% तक की कटौती, सोलर वाटर हीटर लगाने पर सरकार दे रही है कितना अनुदान?
अनिवार्य दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि के दस्तावेज़ (खसरा-खतौनी)
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। इच्छुक किसान आधिकारिक सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
- सबसे पहले अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय PM-KUSUM पोर्टल पर जाएँ।
- पोर्टल पर “ऑनलाइन आवेदन करें” या “पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें। आवश्यक जानकारी (नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर) भरकर पंजीकरण करें।
- बुकिंग सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से टोकन मनी (आमतौर पर ₹5,000) का भुगतान करें।
- मांगे गए सभी दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- कृषि विभाग द्वारा आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद, किसान को सब्सिडी घटाकर बची हुई राशि का भुगतान करना होगा।
- भुगतान के बाद, अधिकृत वेंडर द्वारा पंप स्थापित किया जाएगा।
यह भी देखें: गीज़र या सोलर हीटर? सर्दियों में गर्म पानी के लिए कौन है सबसे बेस्ट? देखें 5 बड़े अंतर।
चेतावनी और हेल्पलाइन
- किसानों को सलाह दी जाती है कि वे केवल सरकारी आधिकारिक वेबसाइटों का ही उपयोग करे, फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें
- अधिक जानकारी या सहायता के लिए, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आधुनिक कृषि की ओर एक बड़ा कदम है, पात्र किसान जल्द से जल्द आवेदन कर इस बंपर अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।




