₹20 से कम का शेयर, एनर्जी सेक्टर के इस पेनी स्टॉक में FIIs ने बढ़ाई हिस्सेदारी, क्या यह बनेगा 2026 का अगला मल्टीबैगर?

छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका FIIs ने इस अंडर ₹20 एनर्जी स्टॉक में हिस्सेदारी बढ़ाई है। क्या यह स्टॉक आने वाले सालों में धमाकेदार रिटर्न दे सकता है? जानें विशेषज्ञों की राय, मौजूदा ट्रेंड और वो वजहें जो इसे बना सकती हैं 2026 का अगला मल्टीबैगर।

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Written by Rohit Kumar

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₹20 से कम का शेयर, एनर्जी सेक्टर के इस पेनी स्टॉक में FIIs ने बढ़ाई हिस्सेदारी, क्या यह बनेगा 2026 का अगला मल्टीबैगर?
₹20 से कम का शेयर, एनर्जी सेक्टर के इस पेनी स्टॉक में FIIs ने बढ़ाई हिस्सेदारी, क्या यह बनेगा 2026 का अगला मल्टीबैगर?

भारतीय शेयर मार्केट में हाल ही में एक ऐसे छोटे स्टॉक ने निवेशकों का ध्यान खींचा है, जिसकी कीमत ₹20 से भी कम है और एनर्जी सेक्टर से जुड़ा है। इस शेयर में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हिस्सेदारी में हाल के महीनों में इजाफा हुआ है, जिससे मार्केट में चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह 2026 का अगला मल्टीबैगर बन सकता है।

FIIs की बढ़ती हिस्सेदारी

रतन इंडिया पावर लिमिटेड (RattanIndia Power Ltd.), जो थर्मल पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय है, हाल ही में निवेशकों की नजर में आया। कंपनी का शेयर ₹9-10 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। डेटा के मुताबिक FIIs की हिस्सेदारी 5.2% तक बढ़ी है, जो यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों ने इस पेनी स्टॉक में अवसर देखा है। “छोटे स्टॉक्स में बड़ी संस्थागत हिस्सेदारी का इजाफा अक्सर निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत होता है, लेकिन इसे अकेले आधार मानकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है,” मार्केट एनालिस्ट ने कहा।

शेयर की हालिया चाल

पिछले साल इस शेयर ने वॉल्यूम और कीमत दोनों में उल्लेखनीय तेजी दिखाई। मार्च 2025 में एक दिन में शेयर 18% तक कूद गया, जिससे BSE ने स्पाइक्स के कारण क्लैरिफिकेशन मांगा। “ऐसा उछाल अक्सर छोटे स्टॉक्स में अस्थिरता दर्शाता है। FIIs की हिस्सेदारी बढ़ना एक पॉज़िटिव संकेत है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं कि इसे निश्चित मल्टीबैगर माना जाए,” अनुभवी शेयर बाजार विश्लेषक ने कहा।

अन्य एनर्जी पेनी स्टॉक्स

RattanIndia Power के अलावा Sharika Enterprises Ltd. जैसे छोटे एनर्जी स्टॉक्स भी चर्चा में हैं। इस कंपनी ने हाल ही में JSW समूह से ऑर्डर हासिल किए, जिससे शेयर में तेजी आई। हालांकि, FIIs की हिस्सेदारी पर स्पष्ट डेटा उपलब्ध नहीं है।

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क्या यह बन सकता है 2026 का मल्टीबैगर?

विश्लेषकों के अनुसार, ऐसे स्टॉक्स में उच्च जोखिम के साथ उच्च रिवॉर्ड की संभावना रहती है।

  • पॉज़िटिव संकेत: FIIs की हिस्सेदारी बढ़ी, पिछली बार शेयर ने उच्च वॉल्यूम पर तेजी दिखाई।
  • जोखिम: फंडामेंटल कमजोर हैं, शेयर कीमत अस्थिर है, और FIIs का हिस्सा अभी भी छोटा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को इस तरह के पेनी स्टॉक्स में निवेश करने से पहले कंपनी के रेवेन्यू, प्रॉफिट ग्रोथ, डेब्ट और सेक्टर ट्रेंड का विश्लेषण करना चाहिए।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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