FY 2026 के अंत तक Amara Raja शुरू करेगा लिथियम सेल की टेस्टिंग यूनिट, बढ़ेगी बैटरी मैन्युफैक्चरिंग रफ्तार

भारत को लिथियम आयन बैटरी के निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अमारा राजा नई टेस्टिंग यूनिट का निर्माण कर रहा है। अब देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को आसानी से ख़रीदा जा सकता है।

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Written by Rohit Kumar

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देश में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता को कम करने के लिए यानी की इनका इस्तेमाल कम किया जाए इसके लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी लिमिटेड बड़ी मात्रा में लिथियम आयन बैटरियां तैयार करने वाली है इसके लिए उन्होंने फैक्ट्री का निर्माण किया है। भारत में बैटरी का काम तेजी से शुरू करने के लिए कंपनी काफी टाइम से फैक्ट्री का निर्माण करवा रही है और उम्मीद है कि साल के अंत तक काम स्टार्ट कर देगी।

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नए प्लांट में उत्पादन की तैयार!

नए प्लांट में कई प्रकार की बैटरियों का निर्माण किया जाएगा यानी की यह एक तरह का टेस्टिंग लैब ही होगा। इस लैब में केमिस्ट्री और फॉर्म फेक्टर वाले बैटरी बनाने के लिए टेस्टिंग का काम किया जाएगा। अमारा राजा इसमें बड़ी मात्रा में बैटरियों का उत्पादन आसानी से कर सकता है।

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ई पॉजिटिव एनर्जी लैब्स

बैटरी टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करने के लिए अमारा राजा एक नया ई पॉजिटिव एनर्जी लैब्स रिसर्च सेंटर तैयार कर रहा है। उम्मीद है इस साल के अंत तक यह पूरा बन जाएगा। बैटरी सेल को और भी बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। कम्पनी के निदेशक विक्रादित्य गोरिनेनी का कहना है कि उनकी टीम में दुनिया के कई बढ़िया एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है ताकि इस काम में अच्छे तरीके से रिसर्च की जा सके। क्षमताओं में वृद्धि करके लिथियम बैटरी डिजाइन बना पाएंगे।

16 GWh तक किया जाएगा योजना का विस्तार

कंपनी अपने काम में विस्तार करने के लिए पहले एक बड़ी फैक्ट्री को बनवा रही है। ताकि लिथियम बैटरी बनाने का काम तेजी से किया जा सके। कम्पनी का उद्देश्य है कि वह शुरुवात में 2 गीगावाट घंटे समय के लिए बैटरी का निर्माण करेगी इसके बाद बढ़ोतरी करके 16 GWh तक उत्पादन करेगी। इन बैटरियों से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चलाया जा सकता है। कंपनी चाहती है कि देश की EV बैटरी बनाने में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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