बिजली कनेक्शन वाले किसानों को झटका! पीएम कुसुम योजना का सोलर पंप अनुदान अब नहीं मिलेगा, जानें इसके पीछे की वजह

पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को मिलने वाला सोलर पंप सब्सिडी अब सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जिनके पास बिजली कनेक्शन नहीं है। सरकार के इस नए नियम से लाखों छोटे और मध्यम वर्गीय किसान अब इस योजना से बाहर हो जाएंगे। जानिए सरकार ने ऐसा फैसला क्यों लिया, इसका मकसद क्या है और आपके विकल्प क्या बचे हैं।

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Written by Rohit Kumar

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बिजली कनेक्शन वाले किसानों को झटका! पीएम कुसुम योजना का सोलर पंप अनुदान अब नहीं मिलेगा, जानें इसके पीछे की वजह

भारत के किसानों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने और सिंचाई लागत को कम करने की दिशा में राज्य सरकारों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के तहत किसानों को सोलर पंप (Solar Pump) पर 75% तक की सब्सिडी (Subsidy on Solar Pump) देने की घोषणा की है। यह योजना किसानों को कम लागत में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराकर न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा,बल्कि बिजली पर निर्भरता भी कम करेगी।

सोलर पंप सब्सिडी योजना का उद्देश्य और लाभ

Solar Pump Subsidy 2025 का मुख्य उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिजली के बढ़ते बिलों से निजात पा सकें। योजना के तहत 3 HP से लेकर 10 HP तक के सोलर पंप पर 75% तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इससे किसान अपनी खेतों में समय पर और सुचारु रूप से सिंचाई कर सकेंगे और फसल उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे।

किन किसानों को मिलेगा योजना में प्राथमिकता

PM Kusum Yojana के अंतर्गत उन किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास पहले से कृषि पंप कनेक्शन है और वे बिजली कनेक्शन को बंद करने के इच्छुक हैं। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर रखा है लेकिन उन्हें अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें भी योजना में वरीयता दी जाएगी। वर्ष 2019 से 2023 के बीच जिन किसानों ने UHBVN/DHBVN डिस्कॉम के तहत 1 HP से 10 HP तक के बिजली आधारित कृषि ट्यूबवेल के लिए आवेदन किया है, वे इस योजना में प्राथमिकता के पात्र होंगे।

पात्रता मापदंड जो किसानों को जानना जरूरी है

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ विशेष पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें प्रमुख रूप से यह जरूरी है कि किसान के नाम पर पहले से कोई सोलर पंप कनेक्शन न हो। साथ ही, बिजली आधारित पंप भी न हो। किसान के पास कृषि भूमि की जमाबंदी या फर्द होना जरूरी है। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण (HWRA) के सर्वे के अनुसार जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है, वहां ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे चला गया है और धान की खेती की जाती है, वहां के किसान इस योजना के पात्र नहीं होंगे।

आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि

हरियाणा के किसान इस योजना के लिए saralharyana.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है। आवेदन करते समय किसान को सोलर पंप की आवश्यकता, क्षमता और कंपनी का चयन करना होगा। चयन के बाद लाभार्थी को अपने हिस्से की राशि का भुगतान करना होगा और उसका प्रमाण भविष्य के संदर्भ के लिए संभाल कर रखना होगा।

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कौन से आवेदक कर सकते हैं दुबारा आवेदन

वे किसान जिन्होंने 20 फरवरी 2024 से 5 मार्च 2024 तक एवं 11 जुलाई 2024 से 25 जुलाई 2024 तक आवेदन किया था और अपना लाभार्थी हिस्सा जमा कर दिया है, उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों ने अभी तक लाभार्थी हिस्सा जमा नहीं कराया है, उन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा। बिना लाभार्थी अंशदान के आवेदन को अमान्य मान लिया जाएगा।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

योजना के लिए आवेदन करते समय किसान को परिवार पहचान पत्र, कृषि भूमि की फर्द या जमाबंदी, निवास प्रमाण-पत्र, बैंक खाता विवरण (पासबुक की कॉपी) और कृषक अंशदान का बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने 2019 से 2023 के बीच ट्यूबवेल के लिए आवेदन किया था, उन्हें अपनी आवेदन संख्या भी दर्ज करनी होगी जिससे प्राथमिकता दी जा सके।

योजना से जुड़ी जानकारी और संपर्क सूत्र

किसान योजना की विस्तृत जानकारी हरियाणा सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की वेबसाइट hareda.gov.in पर देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में परियोजना अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी या नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कार्यालय से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

क्यों है यह योजना किसानों के लिए लाभकारी

यह योजना किसानों को बिजली खर्च से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ वातावरण के लिए भी लाभकारी है। Renewable Energy के माध्यम से सौर ऊर्जा का उपयोग करना पारंपरिक बिजली स्रोतों की तुलना में अधिक स्थायी और किफायती विकल्प है। इससे न केवल कृषि लागत में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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Rohit Kumar
रोहित कुमार सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, सौर ऊर्जा की अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाओं, और सौर ऊर्जा नवीनतम तकनीकी रुझानों पर शोधपूर्ण और सरल लेखन किया है। उनका उद्देश्य सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पाठकों को ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराना है। अपने लेखन कौशल और समर्पण के कारण, वे सोलर एनर्जी से जुड़े विषयों पर एक विश्वसनीय लेखक हैं।

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